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बिजनौर मिल को मिला ऋण
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:20 AM IST
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बिजनौर। डीएम की मध्यस्थता के बाद बिजनौर व चांदपुर शुगर मिल की मुश्किलें कुछ कम हुई हैं। डीएम के पत्र पर उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक ने बैंकों की चीनी गिरवी रखकर ऋण देने के लिए हामी भर दी है। बिजनौर शुगर मिल को तीन करोड़ 69 लाख रुपये का ऋण भी जारी कर दिया है। बिजनौर ने इस राशि से किसानों का गन्ना भुगतान कर दिया है।
अधिकतर सभी बैंक अपनी चीनी गिरवी रखकर बैंकों से ऋण लेते हैं। ऋण में ली गई रकम से किसानों का गन्ना भुगतान किया जाता है तथा शुगर मिलों के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होता है। बिजनौर शुगर मिल ने इस बीते पेराई सत्र में चार लाख 55 हजार 500 बोरे चीनी बनाई थी। इनमे से तीन लाख 72 हजार 765 बोरे मिल ने उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक में गिरवी रखे थे। 2600 रुपये प्रति बोरे के हिसाब से ये बोरे गिरवी रखे गए थे। बैंक से जो ऋण मिला था, उससे किसानों का भुगतान किया गया। बीच बीच में चीनी के बोरे बेचकर बैंक का कर्ज चुकाया गया। अभी भी बिजनौर मिल के करीब दो लाख चीनी बोरे बैंक के पास गिरवी रखे हैं। सीसी लिमिट के अनुसार इन बोरों पर चीनी मिल अभी भी बैंक से पांच करोड़ 15 लाख रुपये का ऋण ले सकता है। लेकिन यूपी सरकार द्वारा इन शुगर मिलों की बिक्री की सीबीआई जांच कराने से उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक ने इन्हें ऋण देने से मना कर दिया था। वेब इंडस्ट्रीज के अधिकारियों ने डीएम से मिलकर ऋण दिलाने की मांग की थी। डीएम ने इस संबंध में बैंक अधिकारियों को पत्र लिखा था। डीएम के पत्र से हरकत में आए बैंक प्रबंधन ने बिजनौर चीनी मिल को 3.69 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। इस राशि से किसानों का गन्ना भुगतान किया गया है। इसके अलावा चांदपुर मिल ने भी पांच करोड़ 17 लाख रुपये का गन्ना भुगतान किया है। बिजनौर मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
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अधिकतर सभी बैंक अपनी चीनी गिरवी रखकर बैंकों से ऋण लेते हैं। ऋण में ली गई रकम से किसानों का गन्ना भुगतान किया जाता है तथा शुगर मिलों के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होता है। बिजनौर शुगर मिल ने इस बीते पेराई सत्र में चार लाख 55 हजार 500 बोरे चीनी बनाई थी। इनमे से तीन लाख 72 हजार 765 बोरे मिल ने उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक में गिरवी रखे थे। 2600 रुपये प्रति बोरे के हिसाब से ये बोरे गिरवी रखे गए थे। बैंक से जो ऋण मिला था, उससे किसानों का भुगतान किया गया। बीच बीच में चीनी के बोरे बेचकर बैंक का कर्ज चुकाया गया। अभी भी बिजनौर मिल के करीब दो लाख चीनी बोरे बैंक के पास गिरवी रखे हैं। सीसी लिमिट के अनुसार इन बोरों पर चीनी मिल अभी भी बैंक से पांच करोड़ 15 लाख रुपये का ऋण ले सकता है। लेकिन यूपी सरकार द्वारा इन शुगर मिलों की बिक्री की सीबीआई जांच कराने से उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक ने इन्हें ऋण देने से मना कर दिया था। वेब इंडस्ट्रीज के अधिकारियों ने डीएम से मिलकर ऋण दिलाने की मांग की थी। डीएम ने इस संबंध में बैंक अधिकारियों को पत्र लिखा था। डीएम के पत्र से हरकत में आए बैंक प्रबंधन ने बिजनौर चीनी मिल को 3.69 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। इस राशि से किसानों का गन्ना भुगतान किया गया है। इसके अलावा चांदपुर मिल ने भी पांच करोड़ 17 लाख रुपये का गन्ना भुगतान किया है। बिजनौर मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
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