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सबसे अधिक घरेलू हिंसा का शिकार हो रही नजीबाबाद की महिलाएं
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:54 PM IST
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घरेलू हिंसा के मामले नजीबाबाद में ज्यादा
बिजनौर।
शासन की ओर से शुरू किए गए आशा ज्योति केंद्र ने जिले में अब तक 96 घरेलू मामले निपटाकर महिलाओं की मदद की है। तीन मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। आशा ज्योति केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक नजीबाबाद क्षेत्र में महिलाओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2017 में महिलाओं की मदद के लिए 181 हैल्पलाइन का शुभारंभ किया था। योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आशा ज्योति केंद्र खोले गए थे। केंद्र को एक वाहन भी मिला था। वैन पर महिला पुलिसकर्मी और काउंसलर मौजूद रहते हैं। हैल्पलाइन पर फोन आने पर तुरंत की वाहन मौके पर पहुंचकर महिलाओं की मदद करता है। छह माह में आशा ज्योति केंद्र ने 96 पारिवारिक विवाद निपाए हैं।
केंद्र पर तैनात सुगम कर्ता आभा कर्णवाल, शिवानी जुयार और खुशबू शर्मा ने बताया कि महिलाओं के उत्पीड़न के सबसे अधिक मामले नजीबाबाद तहसील से आए हैं। बिजनौर, हल्दौर, चांदपुर में विवाद नहीं निपटने पर आशा ज्योति केंद्र की मदद से महिलाओं ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। उनके पास 11 मामले ऐसे भी आए हैं जो पहले से ही कोर्ट में लंबित हैं। अभी तक उनके पास कुल 110 मामले आए हैं।
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ऐसे करती है हेल्पलाइन मदद
सुगमकर्ता के मुताबिक 181 हैल्पलाइन पर पीड़ित महिला की कॉल आते ही उसे ऑनलाइन कनेक्ट किया जाएगा। मामला ज्यादा गंभीर होने की स्थिति में अगर पीड़ित महिला अपने घर में नहीं रहना चाहती है तो उसे घर से आशा ज्योति केंद्र तक लाने के लिए रेस्क्यू वैन का इस्तेमाल किया जाएगा। उनके द्वारा परिवार और महिलाओं को समझाया जाता है लेकिन अगर परिवार नहीं मानता है तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। अल्पसंख्यक अधिकारी परवीन मिश्र ने बताया कि शासन की ओर से चली रही 181 हैल्पलाइन 24 घंटो महिलाओं की मदद कर रही है। अब तक हैल्पलाइन से माध्यम से कुल 96 घरेलू विवादों को निपटाया गया है।
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बिजनौर।
शासन की ओर से शुरू किए गए आशा ज्योति केंद्र ने जिले में अब तक 96 घरेलू मामले निपटाकर महिलाओं की मदद की है। तीन मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। आशा ज्योति केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक नजीबाबाद क्षेत्र में महिलाओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2017 में महिलाओं की मदद के लिए 181 हैल्पलाइन का शुभारंभ किया था। योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आशा ज्योति केंद्र खोले गए थे। केंद्र को एक वाहन भी मिला था। वैन पर महिला पुलिसकर्मी और काउंसलर मौजूद रहते हैं। हैल्पलाइन पर फोन आने पर तुरंत की वाहन मौके पर पहुंचकर महिलाओं की मदद करता है। छह माह में आशा ज्योति केंद्र ने 96 पारिवारिक विवाद निपाए हैं।
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केंद्र पर तैनात सुगम कर्ता आभा कर्णवाल, शिवानी जुयार और खुशबू शर्मा ने बताया कि महिलाओं के उत्पीड़न के सबसे अधिक मामले नजीबाबाद तहसील से आए हैं। बिजनौर, हल्दौर, चांदपुर में विवाद नहीं निपटने पर आशा ज्योति केंद्र की मदद से महिलाओं ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। उनके पास 11 मामले ऐसे भी आए हैं जो पहले से ही कोर्ट में लंबित हैं। अभी तक उनके पास कुल 110 मामले आए हैं।
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ऐसे करती है हेल्पलाइन मदद
सुगमकर्ता के मुताबिक 181 हैल्पलाइन पर पीड़ित महिला की कॉल आते ही उसे ऑनलाइन कनेक्ट किया जाएगा। मामला ज्यादा गंभीर होने की स्थिति में अगर पीड़ित महिला अपने घर में नहीं रहना चाहती है तो उसे घर से आशा ज्योति केंद्र तक लाने के लिए रेस्क्यू वैन का इस्तेमाल किया जाएगा। उनके द्वारा परिवार और महिलाओं को समझाया जाता है लेकिन अगर परिवार नहीं मानता है तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। अल्पसंख्यक अधिकारी परवीन मिश्र ने बताया कि शासन की ओर से चली रही 181 हैल्पलाइन 24 घंटो महिलाओं की मदद कर रही है। अब तक हैल्पलाइन से माध्यम से कुल 96 घरेलू विवादों को निपटाया गया है।