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सरसों की नई प्रजातियों ने दी जिले में दस्तक
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:35 AM IST
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राजस्थान से मंगवाया प्रजातियों का बीज
बिजनौर। किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिले में सरसों की नई प्रजातियों ने दस्तक दे दी है। कृषि विभाग ने राजस्थान राज्य के शोध संस्थान से इन प्रजातियों को मंगवाया है। विभाग ने राजकीय कृषि बीज भंडारों को बीज आवंटित कर दिया है। किसानों को सरसों के बीज पर छूट देय है।
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार रबी की बुवाई शुरू होने वाली है। जिले के किसान गेहूं के साथ सरसों व लाही की बुवाई करते हैं। पिछले सालों में सरसों का रकबा बढ़ा है। किसानों थोक बाजार में सरसों की बिक्री करके अच्छी कमाई कर सकता है। सरसों की बुवाई की ओर किसानों की बढ़ते रुझान के चलते विभाग ने राजस्थान राज्य के भरतपुर शोध संस्थान से सरसों व लाही की नई प्रजातियों का बीज मंगवाया है। विभाग ने सरसों व लाही की वाईएसएच-40व पंत पीपीएस -01 प्रजाति मंगवाई है। मसूर की पीएल- 08 आ प्रजाति मंगवाई गई है। जिले के 11 राजकीय कृषि बीज केंद्रों को प्रथम चरण में 30 क्विंटल बीज भेजा गया है। पिछले साल दस हजार हेक्टेयर रकबे में सरसों थी। विभाग इस साल रकबा बढ़ाने में लगा है।
इन्हें मिलेगी छूट
बिजनौर। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार जिन किसानों के पास दो हेक्टेयर जमीन है केवल उन्हें सरसों व लाही की खरीद पर छूट मिलेगी। सरसों व लाही का रेट 6720 रुपये प्रति क्विंटल है। इसमें 3500 रुपये प्रति क्विंटल छूट है। मसूर का रेट 7760 रुपये प्रति क्विंटल है। इस पर 4500 रुपये प्रति क्विंटल छूट देय है। छूट डीबीटी के माध्यम से मिलेगी। मिश्र के मुताबिक एक हेक्टेअर की बुवाई में चार किलो सरसों का बीज लगता है। एक हेक्टेअर की बुवाई में तीन किलो लाही लगती है।
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बिजनौर। किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिले में सरसों की नई प्रजातियों ने दस्तक दे दी है। कृषि विभाग ने राजस्थान राज्य के शोध संस्थान से इन प्रजातियों को मंगवाया है। विभाग ने राजकीय कृषि बीज भंडारों को बीज आवंटित कर दिया है। किसानों को सरसों के बीज पर छूट देय है।
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार रबी की बुवाई शुरू होने वाली है। जिले के किसान गेहूं के साथ सरसों व लाही की बुवाई करते हैं। पिछले सालों में सरसों का रकबा बढ़ा है। किसानों थोक बाजार में सरसों की बिक्री करके अच्छी कमाई कर सकता है। सरसों की बुवाई की ओर किसानों की बढ़ते रुझान के चलते विभाग ने राजस्थान राज्य के भरतपुर शोध संस्थान से सरसों व लाही की नई प्रजातियों का बीज मंगवाया है। विभाग ने सरसों व लाही की वाईएसएच-40व पंत पीपीएस -01 प्रजाति मंगवाई है। मसूर की पीएल- 08 आ प्रजाति मंगवाई गई है। जिले के 11 राजकीय कृषि बीज केंद्रों को प्रथम चरण में 30 क्विंटल बीज भेजा गया है। पिछले साल दस हजार हेक्टेयर रकबे में सरसों थी। विभाग इस साल रकबा बढ़ाने में लगा है।
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इन्हें मिलेगी छूट
बिजनौर। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार जिन किसानों के पास दो हेक्टेयर जमीन है केवल उन्हें सरसों व लाही की खरीद पर छूट मिलेगी। सरसों व लाही का रेट 6720 रुपये प्रति क्विंटल है। इसमें 3500 रुपये प्रति क्विंटल छूट है। मसूर का रेट 7760 रुपये प्रति क्विंटल है। इस पर 4500 रुपये प्रति क्विंटल छूट देय है। छूट डीबीटी के माध्यम से मिलेगी। मिश्र के मुताबिक एक हेक्टेअर की बुवाई में चार किलो सरसों का बीज लगता है। एक हेक्टेअर की बुवाई में तीन किलो लाही लगती है।
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