{"_id":"598764164f1c1b812a8b45fc","slug":"11502045206-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा विधायक से की मारपीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा विधायक से की मारपीट
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को लेकर रविवार को जिले की राजनीति गरमा गई। अविश्वास प्रस्ताव ला रहे विरोधी खेमे के नेता साकेंद्र चौधरी ने भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान पर उदयन वीरा का साथ देने का आरोप लगाते हुए भाजपा विधायक से मारपीट और धक्का-मुक्की की।
जिला पंचायत सदस्य व साकेंद्र चौधरी ने जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उनके नेतृत्व में उदयन वीरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 31 जुलाई को मतदान होना था, लेकिन पीठासीन अधिकारी ने चुनाव की तिथि 22 अगस्त निर्धारित कर दी थी। इस मामले में भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह, रालोद, बसपा, सपा व भाजपा के कई नेता साकेंद्र चौधरी के साथ हैं, लेकिन भाजपा विधायकों ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। रविवार को खाद रसद एवं औषधि प्रशासन मंत्री अतुल गर्ग के प्रेसवार्ता में साकेंद्र चौधरी भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार साकेंद्र चौधरी के कई साथियों के हाथ में बंदूक भी थी। प्रेस वार्ता के बाद मंत्री अतुल गर्ग अपनी गाड़ी में बैठ गए और लोकेंद्र चौहान उनकी गाड़ी में बैठ रहे थे। इस दौरान साकेंद्र चौधरी व उनके समर्थकों ने विधायक पर जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा व उनकी पत्नी पूर्व विधायक रुचिवीरा से मोटी रकम लेकर उनका साथ देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साकेंद्र चौधरी ने लोकेंद्र पर जिला पंचायत के तीन सदस्यों को अपने यहां बंद कर रखने का आरोप भी लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक साकेंद्र चौधरी उनके समर्थकों ने लोकेंद्र चौहान के साथ मारपीट व धक्का मुक्की की। पुलिस व भाजपाइयों के बीच में आने पर लोकेंद्र चौहान मंत्री ने मंत्री की गाड़ी में बैठकर अपनी जान बचाई और अंदर से दरवाजे लॉक कर दिए। दरवाजे न खुलने पर साकेंद्र चौधरी व उनके समर्थकों ने गाड़ी पर लात घूंसे बरसा दिए। पुलिस साकेंद्र व उनके साथियों को वहां से खदेड़ा। डीएम जगतराज, एसपी अतुल शर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मंत्री, विधायक इस मामले में पीडब्ल्यूडी के एक कमरे में अधिकारियों के साथ बात कर रहे थे। साकेंद्र व उनके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है।
बौखलाया है विरोधी खेमा
31 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए विरोधी खेमा पूरी तैयारी के साथ कलक्ट्रेट गया था। 56 सदस्यों में से उनके साथ 34 सदस्य थे, लेकिन मतदान की अगली तारीख मिलने से उनकी सारी तैयारी धरी रह गई। इससे विरोधी खेमा बौखलाया हुआ है। विरोधी खेमा पहले से ही भाजपा के नेताओं पर उदयन वीरा की कुर्सी बचाने का आरोप लगाता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य व साकेंद्र चौधरी ने जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उनके नेतृत्व में उदयन वीरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 31 जुलाई को मतदान होना था, लेकिन पीठासीन अधिकारी ने चुनाव की तिथि 22 अगस्त निर्धारित कर दी थी। इस मामले में भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह, रालोद, बसपा, सपा व भाजपा के कई नेता साकेंद्र चौधरी के साथ हैं, लेकिन भाजपा विधायकों ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। रविवार को खाद रसद एवं औषधि प्रशासन मंत्री अतुल गर्ग के प्रेसवार्ता में साकेंद्र चौधरी भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार साकेंद्र चौधरी के कई साथियों के हाथ में बंदूक भी थी। प्रेस वार्ता के बाद मंत्री अतुल गर्ग अपनी गाड़ी में बैठ गए और लोकेंद्र चौहान उनकी गाड़ी में बैठ रहे थे। इस दौरान साकेंद्र चौधरी व उनके समर्थकों ने विधायक पर जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा व उनकी पत्नी पूर्व विधायक रुचिवीरा से मोटी रकम लेकर उनका साथ देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साकेंद्र चौधरी ने लोकेंद्र पर जिला पंचायत के तीन सदस्यों को अपने यहां बंद कर रखने का आरोप भी लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक साकेंद्र चौधरी उनके समर्थकों ने लोकेंद्र चौहान के साथ मारपीट व धक्का मुक्की की। पुलिस व भाजपाइयों के बीच में आने पर लोकेंद्र चौहान मंत्री ने मंत्री की गाड़ी में बैठकर अपनी जान बचाई और अंदर से दरवाजे लॉक कर दिए। दरवाजे न खुलने पर साकेंद्र चौधरी व उनके समर्थकों ने गाड़ी पर लात घूंसे बरसा दिए। पुलिस साकेंद्र व उनके साथियों को वहां से खदेड़ा। डीएम जगतराज, एसपी अतुल शर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मंत्री, विधायक इस मामले में पीडब्ल्यूडी के एक कमरे में अधिकारियों के साथ बात कर रहे थे। साकेंद्र व उनके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
बौखलाया है विरोधी खेमा
31 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए विरोधी खेमा पूरी तैयारी के साथ कलक्ट्रेट गया था। 56 सदस्यों में से उनके साथ 34 सदस्य थे, लेकिन मतदान की अगली तारीख मिलने से उनकी सारी तैयारी धरी रह गई। इससे विरोधी खेमा बौखलाया हुआ है। विरोधी खेमा पहले से ही भाजपा के नेताओं पर उदयन वीरा की कुर्सी बचाने का आरोप लगाता रहा है।
विज्ञापन