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परियोजना प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट के आदेश
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:02 AM IST
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परियोजना प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
बिजनौर। सीजेएम प्रमोद कुमार ने धोखाधड़ी के मामले में उत्तर प्रदेश जल निगम की सीएनडीएस यूनिट के परियोजना प्रबंधक मान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर इसकी विवेचना करने के आदेश कोतवाली शहर पुलिस को दिए हैं।
थाना हल्दौर के गांव अम्हेड़ा निवासी अनीस अहमद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि वो ठेकेदारी का काम करता है। सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक मान सिंह से उसके अच्छे कारोबारी संबंध थे। वह उन पर विश्वास करता था। मान सिंह ने फरवरी 2017 में उससे कहा कि वे उसे ईवीएम गोदाम के निर्माण का ठेका दिला देंगे। मान सिंह ने बताया कि उसके सीएनडीएस गोमतीनगर के निदेशक और जल निगम के प्रबंध निदेशक से अच्छे संबंध हैं। ठेके के लिए सात लाख रुपये उसे देने होंगे। 12 मार्च 2017 को बिजनौर की कचहरी में अनीस अहमद ने साढ़े छह लाख रुपये चेक के माध्यम से व 50 हजार रुपये नगद ठेका दिलाने के लिए मान सिंह को दे दिए। छह माह के भीतर ठेका दिलाने का वायदा किया गया। छह माह बीतने के बाद भी जब गोदाम का ठेका नहीं हुआ तो उसने मान सिंह से अपने सात लाख रुपये वापस मांगे, लेकिन मान सिंह उसे टालता रहा। मान सिंह ने उसे ठेका दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी से सात लाख रुपये हड़प लिए। प्रार्थना पत्र में मान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई थी। सीजेएम ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। वर्तमान में मान सिंह जिला उधमसिंहनगर के रूद्रपुर में तैनात हैं।
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बिजनौर। सीजेएम प्रमोद कुमार ने धोखाधड़ी के मामले में उत्तर प्रदेश जल निगम की सीएनडीएस यूनिट के परियोजना प्रबंधक मान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर इसकी विवेचना करने के आदेश कोतवाली शहर पुलिस को दिए हैं।
थाना हल्दौर के गांव अम्हेड़ा निवासी अनीस अहमद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि वो ठेकेदारी का काम करता है। सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक मान सिंह से उसके अच्छे कारोबारी संबंध थे। वह उन पर विश्वास करता था। मान सिंह ने फरवरी 2017 में उससे कहा कि वे उसे ईवीएम गोदाम के निर्माण का ठेका दिला देंगे। मान सिंह ने बताया कि उसके सीएनडीएस गोमतीनगर के निदेशक और जल निगम के प्रबंध निदेशक से अच्छे संबंध हैं। ठेके के लिए सात लाख रुपये उसे देने होंगे। 12 मार्च 2017 को बिजनौर की कचहरी में अनीस अहमद ने साढ़े छह लाख रुपये चेक के माध्यम से व 50 हजार रुपये नगद ठेका दिलाने के लिए मान सिंह को दे दिए। छह माह के भीतर ठेका दिलाने का वायदा किया गया। छह माह बीतने के बाद भी जब गोदाम का ठेका नहीं हुआ तो उसने मान सिंह से अपने सात लाख रुपये वापस मांगे, लेकिन मान सिंह उसे टालता रहा। मान सिंह ने उसे ठेका दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी से सात लाख रुपये हड़प लिए। प्रार्थना पत्र में मान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई थी। सीजेएम ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। वर्तमान में मान सिंह जिला उधमसिंहनगर के रूद्रपुर में तैनात हैं।
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