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निगम की बसों की ईटीएम मशीन खराब
Updated Sun, 29 Oct 2017 12:30 AM IST
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बिजनौर । उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के अधिकारी निगम को ही चूना लगाने में लगे हुए है। ईटीएम खराब होने बाद भी एमएसटी और स्मार्ट कार्ड वाले यात्री निगम की बसों में खूब सफर कर रहे हैं।
बिजनौर रोडवेज निगम की ईटीएम (इलेक्ट्रोनिक टिकट मशीन) खराब हो रही है। इसके कारण ईटीएम एमएसटी (मासिक सीजन टिकट) का नंबर और स्मार्ट कार्ड को स्कैन नहीं कर पा रही है। स्कैन नहीं होने के कारण स्मार्ट कार्ड और एमएसटी से पैसे नहीं कट रहे है। निगम के अधिकारियों ने यह असुविधा होने पर चालक के पास रहने वाले बे-बिल पर एमएसटी व स्मार्ट कार्ड के नंबर की एंट्री करानी शुरू कर दी है। निगम के स्टाफ के अनुसार ऐसा होने पर एमएसटी कार्ड धारक एक ही दिन में कई-कई बार यात्रा कर रहे हैं। इससे निगम को राजस्व का चूना लग रहा है। एआरएम वीके मौर्य ने बताया कि कि प्रदेश में निगम का ट्राई मैक्स कंपनी से अनुबंध है। उसी की मशीन पूरे प्रदेश की निगम की बसों में इस्तेमाल की जाती है। उच्चाधिकारियों को परिचालक के बे-बिल के आधार पर रिपोर्ट की जा रही है। कंपनी उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों की एमएसटी और स्मार्ट कार्ड से पैसे काट लेंगे।
एमएसटी कैसे करती है काम
एमएसटी एक माह का टिकट होता है। रोजाना सफर करने वालों को टिकट के मुकाबले एमएसटी में कम पैसा खर्च करना होता है। परिचालक एमएसटी का नंबर अपनी ईटीएम में चढ़ा लेते है और एमएसटी से एक दिन के पैसे कट जाते है, लेकिन मशीन खराब होने से पैसे कब कटेेंगे इसका कुछ पता नहीं हैं।
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बिजनौर रोडवेज निगम की ईटीएम (इलेक्ट्रोनिक टिकट मशीन) खराब हो रही है। इसके कारण ईटीएम एमएसटी (मासिक सीजन टिकट) का नंबर और स्मार्ट कार्ड को स्कैन नहीं कर पा रही है। स्कैन नहीं होने के कारण स्मार्ट कार्ड और एमएसटी से पैसे नहीं कट रहे है। निगम के अधिकारियों ने यह असुविधा होने पर चालक के पास रहने वाले बे-बिल पर एमएसटी व स्मार्ट कार्ड के नंबर की एंट्री करानी शुरू कर दी है। निगम के स्टाफ के अनुसार ऐसा होने पर एमएसटी कार्ड धारक एक ही दिन में कई-कई बार यात्रा कर रहे हैं। इससे निगम को राजस्व का चूना लग रहा है। एआरएम वीके मौर्य ने बताया कि कि प्रदेश में निगम का ट्राई मैक्स कंपनी से अनुबंध है। उसी की मशीन पूरे प्रदेश की निगम की बसों में इस्तेमाल की जाती है। उच्चाधिकारियों को परिचालक के बे-बिल के आधार पर रिपोर्ट की जा रही है। कंपनी उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों की एमएसटी और स्मार्ट कार्ड से पैसे काट लेंगे।
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एमएसटी कैसे करती है काम
एमएसटी एक माह का टिकट होता है। रोजाना सफर करने वालों को टिकट के मुकाबले एमएसटी में कम पैसा खर्च करना होता है। परिचालक एमएसटी का नंबर अपनी ईटीएम में चढ़ा लेते है और एमएसटी से एक दिन के पैसे कट जाते है, लेकिन मशीन खराब होने से पैसे कब कटेेंगे इसका कुछ पता नहीं हैं।
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