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शासन ने मदरसों पर कसा शिकंजा

Sun, 03 Sep 2017 12:20 AM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:20 AM IST
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शासन ने मदरसों पर कसा शिकंजा
बिजनौर। अब मदरसों के संचालक मनमानी नहीं कर सकेंगे। शासन ने मदरसों पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया है। मदरसों को यूनिफाइड इको सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे मदरसों में होने वाली धांधलेबाजी पर अंकुश लगेगा। तथ्यों की गलत फीडिंग करने वाले मदरसों की मान्यता रद्द हो सकती है।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार शासन को मदरसों द्वारा गलत तथ्य भेजने की शिकायत मिल रही थी। मदरसों द्वारा पढ़ने वाले छात्रों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, भौतिक संसाधनों की सही जानकारी नहीं दिए जाने के आरोप हैं। शासन ने मदरसों में वित्तीय एवं अन्य प्रकार की हेराफेरी रोकने के लिए कई सख्त निर्णय लिए हैं। जिले में शासन से मान्यता प्राप्त 635 मदरसे हैं। मदरसों को यूनिफाइड इको सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मान्यता प्राप्त मदरसों को 15 सितंबर तक आन लाइन करना जरूरी है। हर मदरसे को यू डेस्क कोड आवंटित किया गया है। इससे मदरसे की वित्तीय एवं भौतिक स्थिति का पता चल सकेगा। वित्तीय गतिविधियां नियंत्रित होंगी। जिले से लेकर शासन तक भेजे जाने वाली मदरसे की आन लाइन सूचनाएं इको सिस्टम से संचालित होंगी।
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छात्रवृत्ति आवेदन की तारीख बढ़ी
बिजनौर। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार अल्पसंख्यक छात्रों को केंद्र और राज्य सरकार से छात्रवृत्ति मिलती है। केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति आवेदन की तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। पहले आखिरी तारीख 31 अगस्त थी। राज्य सरकार की छात्रवृत्ति की आवेदन तिथि में कोई परिवर्तन नहीं है।
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