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झालू नगर पंचायत और बिजनौर नगर पालिका बनी ओडीएफ अभियान में प्रदेश की सरताज
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:43 AM IST
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झालू नगर पंचायत बनी प्रदेश की सरताज
बिजनौर। गांवों के बाद जिले के शहरी जनता ने भी ओडीएफ कार्यक्रम को स्वीकार कर लिया है। शहरों में ओडीएफ पर उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे इस अभियान में झालू नगर पंचायत 81 अंकों के साथ प्रदेश में पहले नंबर पर है। झालू नगर पंचायत प्रदेश की पहली ऐसी नगर पंचायत बनी है जिसमें शत प्रतिशत घरों में शौचालय है। अभियान में दूसरे नंबर पर बिजनौर नगर पालिका है। शहरों को भी ओडीएफ बनाने की मुहिम रंग लाने लगी है।
माना जाता है कि गांवों में ही लोग खुले में शौच जाते हैं, लेकिन कई जगह पर शहरों की स्थिति भी अलग नहीं होती है। केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देश को ओडीएफ करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। जिले के मुबारकपुर जैसे गांव ओडीएफ अभियान में पूरे देश के लिए मिसाल बन चुकेे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुबारकपुर के गांव वालों की प्रशंसा कर चुके हैं। लेकिन ओडीएफ अभियान में जिले की नगर पालिका व पंचायतें भी पीछे नहीं हैं। नगर पालिका व पंचायतों में भी ओडीएफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में बिंदुओं के आधार पर पालिकाओं व पंचायतों को अंक दिए जाते हैं। इस अभियान में झालू नगर पंचायत 81 अंकों के साथ पूरे प्रदेश में नंबर बनी हुई है। दूसरे नंबर पर बिजनौर नगर पालिका है। झालू नगर पंचायत और बिजनौर नगर पालिका पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन चुकी हैं। झालू नगर पंचायत व बिजनौर नगर पालिका के ईओ इंद्रपाल सिंह के अनुसार दोनों जगर पर ओडीएफ अभियान पर बहुत तेजी से काम किया जा रहा है। ओडीएफ में बिजनौर का नाम रोशन किया है। जल्दी ही बिजनौर नगर पालिका के इस अभियान में नंबर वन बनने की उम्मीद है।
ऐसे मिलते हैं अंक:
अभियान में घरों, स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों व अन्य ऐसी जगह जहां पब्लिक आती है, का निरीक्षण किया जाता है। इसके अलावा पब्लिक टॉयलेट व कम्यूनिटी टॉयलेट की स्थिति देखी जाती है। इसी के आधार पर अंक दिए जाते हैं।
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झालू नगर पंचायत की उपलब्धियां: झालू में शत प्रतिशत घरों में शौचालय बन चुका है। इसके अलावा पब्लिक शौचालय भी बनाए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज, क्लीनिक आदि से शौचालय होने का प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं।
बिजनौर नगर पालिका की उपलब्धियां : बिजनौर में 922 घरों में शौचालय बननी थीं। 340 घरों में शौचालय बन चुके हैं। 422 घरों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। 20-20 सीट के तीन कम्यूनिटी टॉयलेट व 60 यूरिनल भी बनाए जा चुके हैं।
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बिजनौर। गांवों के बाद जिले के शहरी जनता ने भी ओडीएफ कार्यक्रम को स्वीकार कर लिया है। शहरों में ओडीएफ पर उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे इस अभियान में झालू नगर पंचायत 81 अंकों के साथ प्रदेश में पहले नंबर पर है। झालू नगर पंचायत प्रदेश की पहली ऐसी नगर पंचायत बनी है जिसमें शत प्रतिशत घरों में शौचालय है। अभियान में दूसरे नंबर पर बिजनौर नगर पालिका है। शहरों को भी ओडीएफ बनाने की मुहिम रंग लाने लगी है।
माना जाता है कि गांवों में ही लोग खुले में शौच जाते हैं, लेकिन कई जगह पर शहरों की स्थिति भी अलग नहीं होती है। केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देश को ओडीएफ करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। जिले के मुबारकपुर जैसे गांव ओडीएफ अभियान में पूरे देश के लिए मिसाल बन चुकेे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुबारकपुर के गांव वालों की प्रशंसा कर चुके हैं। लेकिन ओडीएफ अभियान में जिले की नगर पालिका व पंचायतें भी पीछे नहीं हैं। नगर पालिका व पंचायतों में भी ओडीएफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में बिंदुओं के आधार पर पालिकाओं व पंचायतों को अंक दिए जाते हैं। इस अभियान में झालू नगर पंचायत 81 अंकों के साथ पूरे प्रदेश में नंबर बनी हुई है। दूसरे नंबर पर बिजनौर नगर पालिका है। झालू नगर पंचायत और बिजनौर नगर पालिका पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन चुकी हैं। झालू नगर पंचायत व बिजनौर नगर पालिका के ईओ इंद्रपाल सिंह के अनुसार दोनों जगर पर ओडीएफ अभियान पर बहुत तेजी से काम किया जा रहा है। ओडीएफ में बिजनौर का नाम रोशन किया है। जल्दी ही बिजनौर नगर पालिका के इस अभियान में नंबर वन बनने की उम्मीद है।
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ऐसे मिलते हैं अंक:
अभियान में घरों, स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों व अन्य ऐसी जगह जहां पब्लिक आती है, का निरीक्षण किया जाता है। इसके अलावा पब्लिक टॉयलेट व कम्यूनिटी टॉयलेट की स्थिति देखी जाती है। इसी के आधार पर अंक दिए जाते हैं।
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झालू नगर पंचायत की उपलब्धियां: झालू में शत प्रतिशत घरों में शौचालय बन चुका है। इसके अलावा पब्लिक शौचालय भी बनाए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज, क्लीनिक आदि से शौचालय होने का प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं।
बिजनौर नगर पालिका की उपलब्धियां : बिजनौर में 922 घरों में शौचालय बननी थीं। 340 घरों में शौचालय बन चुके हैं। 422 घरों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। 20-20 सीट के तीन कम्यूनिटी टॉयलेट व 60 यूरिनल भी बनाए जा चुके हैं।