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लोनिवि के सेवानिवृत कर्मचारी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठा
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:47 AM IST
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अनशन पर बैठे लोनिवि का सेवानिवृत्त कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
लोक निर्माण विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी ने 24 साल का वेतन का बकाया एरियर दिलाने की मांग को लेकर अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड के आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन एसोसिएशन ने कर्मचारी की मांगों का समर्थन किया है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी विजयपाल सिंह मलिक के अनुसार हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 में उन्हें उच्च वेतनमान देने के आदेश विभाग दिए थे। न्यायालय के आदेश थे कि यह वेतनमान एक जनवरी 1986 से दिया जाएं। वर्ष 2010 में उनके वेतन का निर्धारण कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कर दिया गया। वर्ष 2011 में वह नौकरी से सेवानिवृत्त हो गए। उनकी पेंशन का निर्धारण भी दिए गए वेतनमान के अनुसार हुआ। मलिक ने आरोप लगाया कि उन्हें एक जनवरी 1986 से वर्ष 2010 के बीच का वेतन निर्धारण एरियर नहीं दिया गया है। भुगतान के लिए वह लगातार विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। उनकी कोई सुनवाई नही हुई है। मजबूर होकर उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गा सिंह, केपी सिंह, शिवध्यान सिंह, यशपाल सिंह, ब्रजवीर सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर विजयपाल सिंह मलिक की मांग का समर्थन किया। पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
लोक निर्माण विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी ने 24 साल का वेतन का बकाया एरियर दिलाने की मांग को लेकर अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड के आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन एसोसिएशन ने कर्मचारी की मांगों का समर्थन किया है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी विजयपाल सिंह मलिक के अनुसार हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 में उन्हें उच्च वेतनमान देने के आदेश विभाग दिए थे। न्यायालय के आदेश थे कि यह वेतनमान एक जनवरी 1986 से दिया जाएं। वर्ष 2010 में उनके वेतन का निर्धारण कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कर दिया गया। वर्ष 2011 में वह नौकरी से सेवानिवृत्त हो गए। उनकी पेंशन का निर्धारण भी दिए गए वेतनमान के अनुसार हुआ। मलिक ने आरोप लगाया कि उन्हें एक जनवरी 1986 से वर्ष 2010 के बीच का वेतन निर्धारण एरियर नहीं दिया गया है। भुगतान के लिए वह लगातार विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। उनकी कोई सुनवाई नही हुई है। मजबूर होकर उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गा सिंह, केपी सिंह, शिवध्यान सिंह, यशपाल सिंह, ब्रजवीर सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर विजयपाल सिंह मलिक की मांग का समर्थन किया। पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया है।
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