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बगैर हैसियत के जारी कर दिया 11 लाख का टेंडर
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बगैर हैसियत के जारी कर दिया 11 लाख का टेंडर
धामपुर। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए भले ही शासन की ओर से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बावजूद गोलमाल करने का तरीका निकाला जा रहा है। धामपुर पालिका में बिना हैसियत प्रमाण पत्र के कुछ ठेकेदार को लाखों रुपये का जलकल विभाग का टेंडर जारी कर दिया गया। जब मामला उजागर हुआ तो अधिकारी अपना बचाव कर अधीनस्थों पर लापरवाही का आरोप लगा पीछा छुड़ाने की जुगत में लगे हैं।
धामपुर पालिका परिषद में जून 2021 में नगर में पाइप लाइन बिछाने के लिए लाखों रुपये के ऑनलाइन टेंडर जारी किए गए थे। आरोप है कि ऑनलाइन टेंडर में चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए पालिका के अधिकारियों ने नया रिकॉर्ड बना डाला। बताया जाता है कि पालिका के ठेकेदार कृष्ण मुरारी ने भी जलकल ठेकों में हिस्सेदारी कर टेंडर डाला था। कृष्ण मुरारी द्वारा डाली निविदा का मूल्य अन्य ठेकेदारों से कम होने के चलते ठेका छोड दिया गया। बताया गया कि यह टेंडर 11 लाख का है। ठेकेदार को वार्ड नंबर- 11 में रामलीला ग्राउंड से जोशी समाज के शमशान घाट तक करीब 520 मीटर लंबे पाइप लाइन कार्य करना है।
ठेकेदार कृष्ण मुरारी की हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकल जाने के बावजूद पालिका के अधिकारियों ने बिना कागजों की जांच पड़ताल के ठेका जारी कर दिया। जबकि सरकारी ठेका हासिल करने के लिए ठेकेदार के पास हैसियत तथा चरित्र प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होता है। हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकलने के बावजूद 9 जून 2021 को ठेकेदार कृष्ण मुरारी के नाम अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार द्वारा कार्य आदेश भी जारी कर दिया।इस मामले के उजागर होने के बाद अब यह टेंडर पालिका के अधिकारियों की जी का जंजाल बना है।
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ठेकेदार कृष्ण मुरारी का टेंडर हुआ निरस्त: ईओ
पालिका के अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि ठेकेदार कृष्ण मुरारी के हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकल जाने के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया है। कार्यदेश जारी करने के बाद ठेकेदार द्वारा कार्य हुआ अथवा नहीं इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उधर ठेकेदार कृष्ण मुरारी से वार्ता करने का प्रयास किया गया। परंतु बात नहीं हो सकी
बिना हैसियत के टेंडर होने के मामले की होगी जांच : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा का कहना है कि हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकलने के बावजूद टेंडर जारी करने का मामला गंभीर है। डीएम का कहना है कि उनके स्तर से पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। आरोप सिद्व पाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
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धामपुर। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए भले ही शासन की ओर से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बावजूद गोलमाल करने का तरीका निकाला जा रहा है। धामपुर पालिका में बिना हैसियत प्रमाण पत्र के कुछ ठेकेदार को लाखों रुपये का जलकल विभाग का टेंडर जारी कर दिया गया। जब मामला उजागर हुआ तो अधिकारी अपना बचाव कर अधीनस्थों पर लापरवाही का आरोप लगा पीछा छुड़ाने की जुगत में लगे हैं।
धामपुर पालिका परिषद में जून 2021 में नगर में पाइप लाइन बिछाने के लिए लाखों रुपये के ऑनलाइन टेंडर जारी किए गए थे। आरोप है कि ऑनलाइन टेंडर में चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए पालिका के अधिकारियों ने नया रिकॉर्ड बना डाला। बताया जाता है कि पालिका के ठेकेदार कृष्ण मुरारी ने भी जलकल ठेकों में हिस्सेदारी कर टेंडर डाला था। कृष्ण मुरारी द्वारा डाली निविदा का मूल्य अन्य ठेकेदारों से कम होने के चलते ठेका छोड दिया गया। बताया गया कि यह टेंडर 11 लाख का है। ठेकेदार को वार्ड नंबर- 11 में रामलीला ग्राउंड से जोशी समाज के शमशान घाट तक करीब 520 मीटर लंबे पाइप लाइन कार्य करना है।
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ठेकेदार कृष्ण मुरारी की हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकल जाने के बावजूद पालिका के अधिकारियों ने बिना कागजों की जांच पड़ताल के ठेका जारी कर दिया। जबकि सरकारी ठेका हासिल करने के लिए ठेकेदार के पास हैसियत तथा चरित्र प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होता है। हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकलने के बावजूद 9 जून 2021 को ठेकेदार कृष्ण मुरारी के नाम अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार द्वारा कार्य आदेश भी जारी कर दिया।इस मामले के उजागर होने के बाद अब यह टेंडर पालिका के अधिकारियों की जी का जंजाल बना है।
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ठेकेदार कृष्ण मुरारी का टेंडर हुआ निरस्त: ईओ
पालिका के अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि ठेकेदार कृष्ण मुरारी के हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकल जाने के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया है। कार्यदेश जारी करने के बाद ठेकेदार द्वारा कार्य हुआ अथवा नहीं इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उधर ठेकेदार कृष्ण मुरारी से वार्ता करने का प्रयास किया गया। परंतु बात नहीं हो सकी
बिना हैसियत के टेंडर होने के मामले की होगी जांच : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा का कहना है कि हैसियत प्रमाण पत्र की तिथि निकलने के बावजूद टेंडर जारी करने का मामला गंभीर है। डीएम का कहना है कि उनके स्तर से पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। आरोप सिद्व पाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।