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अभी तो शुरू हुई नारी शक्ति की उड़ान
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अभी तो शुरू हुई नारी शक्ति की उड़ान
नगीना। अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत सेंट मेरी नगीना में निबंध प्रतियोगिता हुई। छात्राओं ने निबंध में नारी गरिमा को लेकर विचार व्यक्त किए। छात्राओं ने लिखा कि नारी शक्ति की उड़ान अभी शुरू हुई है। नारी अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया पर छा जाने को तैयार है।
स्कूल प्रधानाचार्य फादर पीटर ने कहा कि आज पूरी दुनिया नारी शक्ति की उड़ान देख रही है। कभी रसोई और घर-परिवार में सिमटकर रहने वाली नारी शक्ति अब अंतरिक्ष की सैर कर रही है। और अपने देश की सरहदों की रक्षा कर रही है। कहा कि नारी ने अब अपनी शक्ति को पहचान लिया है। अब नारी सफलता की ऊंचाईयों के नए मापदंड स्थापित कर रही है। वह कंधे से कंधा मिलाकर अपने देश को आगे ले जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में बेटियां बेटों को पीछे छोड़ रही हैं। यह सब तब हुआ जब नारी को अपना सामर्थ्य दिखाने का मौका मिला। उन्होंने छात्राओं से कहा कि नारी शक्ति को और बढ़ाने में उनकी भी सहभागिता होगी। वे अपनी से छोटी छात्राओं को मेहनत से पढ़ने व अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके बाद छात्राओं ने निबंध लिखे। छात्राओं ने रानी लक्ष्मीबाई से लेकर अंतरिक्ष में जाने वाली सुनीता विलियम्स के बारे में लिखा। लिखा कि आज नारी देशों की राजनीतिक, आर्थिक नीतियों को तय कर रही है। भारत जैसे विशाल देश में रक्षा मंत्री एक महिला हैं।
पूरी दुनिया में नारी शक्ति की गूंज
शिक्षिका आरती मिश्रा ने कहा कि नारी शक्ति की गूंज पूरी दुनिया में है। नारी के पास भी पुरुषों के बराबर अधिकार हैं और वें इसका इस्तेमाल कर रही है।
पुरुष प्रधान की धारणा समाप्त
शिक्षिका नीतू वर्मा के अनुसार अब पुरुष प्रधान समाज की धारणा समाप्त हो गई है। समाज में बेटों के बराबर प्यार व सम्मान बेटियों को भी मिल रहा है।
बेटियों की सफलता की शुरूआत
शिक्षिका सिस्टर जेंसी के अनुसार बोर्ड परीक्षा में बेटियां बेटों से ज्यादा अंक प्राप्त कर अपने आप को सिद्ध कर रही हैं। यह उनकी सफलता की शुरूआत है।
रसोई तक सीमित नहीं
शिक्षिका हिमांशी के अनुसार नारी अब घर के साथ साथ नौकरी, व्यापार को भी संभाल रही है। अब नारी की भूमिका केवल रसोई तक ही सीमित नहीं है।
महिला को दुनिया का नमन
छात्रा दिव्या चौहान के अनुसार हर जगह अब महिला शक्ति का बोलबाला है। पूरी दुनिया नारी शक्ति को पहचान गई है। और उसे नमन कर रही है।
गांवों में हों जागरूकता कार्यक्रम
छात्रा मारिया के अनुसार जागरूकता कार्यक्रमों से महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी मिली है। गांवों में ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
हर महिला तक पहुंचे अपराजिता
छात्रा हुमा के अनुसार अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय पहल है। यह कार्यक्रम हर नारी तक पहुंचना चाहिए। यह नारी के लिए महत्वपूर्ण है।
बेटियों से घर में रौनक
छात्रा अनम के अनुसार बेटियों से ही घर में रौनक है। अब इस बात को हर परिवार पूरी तरह से समझ गया है। अब बेटियों में भेदभाव नहीं किया जाता है।
दुनिया में नारी शक्ति के लिए हो काम
छात्रा रिधमा के अनुसार नारी शक्ति के लिए पूरी दुनिया में काम होना चाहिए। आज भी कुछ देशों में नारी के पास ज्यादा अधिकार नहीं हैं। जो अनुचित हैं।
उच्च शिक्षा मिले नि:शुल्क
छात्रा निकिता के अनुसार छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा नि:शुल्क की जानी चाहिए। शिक्षा का उजियारा नारी को और अधिक शक्तिशाली बना सकता है।
योजनाओं का मिला लाभ
छात्रा संधि के अनुसार देश में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसका लाभ महिलाओं को मिला है। जो एक सार्थक प्रयास है।
नारी शक्ति सर्वोपरि
छात्रा फबीहा के अनुसार अब नारी अबला नहीं सबला बनकर देश और समाज के सामने आई है। नारी को अब कमजोर नहीं समझना चाहिए। नारी शक्ति सर्वोपरि है।
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नगीना। अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत सेंट मेरी नगीना में निबंध प्रतियोगिता हुई। छात्राओं ने निबंध में नारी गरिमा को लेकर विचार व्यक्त किए। छात्राओं ने लिखा कि नारी शक्ति की उड़ान अभी शुरू हुई है। नारी अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया पर छा जाने को तैयार है।
स्कूल प्रधानाचार्य फादर पीटर ने कहा कि आज पूरी दुनिया नारी शक्ति की उड़ान देख रही है। कभी रसोई और घर-परिवार में सिमटकर रहने वाली नारी शक्ति अब अंतरिक्ष की सैर कर रही है। और अपने देश की सरहदों की रक्षा कर रही है। कहा कि नारी ने अब अपनी शक्ति को पहचान लिया है। अब नारी सफलता की ऊंचाईयों के नए मापदंड स्थापित कर रही है। वह कंधे से कंधा मिलाकर अपने देश को आगे ले जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में बेटियां बेटों को पीछे छोड़ रही हैं। यह सब तब हुआ जब नारी को अपना सामर्थ्य दिखाने का मौका मिला। उन्होंने छात्राओं से कहा कि नारी शक्ति को और बढ़ाने में उनकी भी सहभागिता होगी। वे अपनी से छोटी छात्राओं को मेहनत से पढ़ने व अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके बाद छात्राओं ने निबंध लिखे। छात्राओं ने रानी लक्ष्मीबाई से लेकर अंतरिक्ष में जाने वाली सुनीता विलियम्स के बारे में लिखा। लिखा कि आज नारी देशों की राजनीतिक, आर्थिक नीतियों को तय कर रही है। भारत जैसे विशाल देश में रक्षा मंत्री एक महिला हैं।
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पूरी दुनिया में नारी शक्ति की गूंज
शिक्षिका आरती मिश्रा ने कहा कि नारी शक्ति की गूंज पूरी दुनिया में है। नारी के पास भी पुरुषों के बराबर अधिकार हैं और वें इसका इस्तेमाल कर रही है।
पुरुष प्रधान की धारणा समाप्त
शिक्षिका नीतू वर्मा के अनुसार अब पुरुष प्रधान समाज की धारणा समाप्त हो गई है। समाज में बेटों के बराबर प्यार व सम्मान बेटियों को भी मिल रहा है।
बेटियों की सफलता की शुरूआत
शिक्षिका सिस्टर जेंसी के अनुसार बोर्ड परीक्षा में बेटियां बेटों से ज्यादा अंक प्राप्त कर अपने आप को सिद्ध कर रही हैं। यह उनकी सफलता की शुरूआत है।
रसोई तक सीमित नहीं
शिक्षिका हिमांशी के अनुसार नारी अब घर के साथ साथ नौकरी, व्यापार को भी संभाल रही है। अब नारी की भूमिका केवल रसोई तक ही सीमित नहीं है।
महिला को दुनिया का नमन
छात्रा दिव्या चौहान के अनुसार हर जगह अब महिला शक्ति का बोलबाला है। पूरी दुनिया नारी शक्ति को पहचान गई है। और उसे नमन कर रही है।
गांवों में हों जागरूकता कार्यक्रम
छात्रा मारिया के अनुसार जागरूकता कार्यक्रमों से महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी मिली है। गांवों में ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
हर महिला तक पहुंचे अपराजिता
छात्रा हुमा के अनुसार अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय पहल है। यह कार्यक्रम हर नारी तक पहुंचना चाहिए। यह नारी के लिए महत्वपूर्ण है।
बेटियों से घर में रौनक
छात्रा अनम के अनुसार बेटियों से ही घर में रौनक है। अब इस बात को हर परिवार पूरी तरह से समझ गया है। अब बेटियों में भेदभाव नहीं किया जाता है।
दुनिया में नारी शक्ति के लिए हो काम
छात्रा रिधमा के अनुसार नारी शक्ति के लिए पूरी दुनिया में काम होना चाहिए। आज भी कुछ देशों में नारी के पास ज्यादा अधिकार नहीं हैं। जो अनुचित हैं।
उच्च शिक्षा मिले नि:शुल्क
छात्रा निकिता के अनुसार छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा नि:शुल्क की जानी चाहिए। शिक्षा का उजियारा नारी को और अधिक शक्तिशाली बना सकता है।
योजनाओं का मिला लाभ
छात्रा संधि के अनुसार देश में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसका लाभ महिलाओं को मिला है। जो एक सार्थक प्रयास है।
नारी शक्ति सर्वोपरि
छात्रा फबीहा के अनुसार अब नारी अबला नहीं सबला बनकर देश और समाज के सामने आई है। नारी को अब कमजोर नहीं समझना चाहिए। नारी शक्ति सर्वोपरि है।