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21 स्कूलों में नहीं बने शौचालय
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21 स्कूलों में नहीं बने शौचालय
बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण नहीं होने से निर्माण प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बीएसए के आदेश के बाद भी जिले के 21 स्कूलों में शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है। जांच में इसका खुलासा हुआ है। निर्माण प्रभारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई जा रही है। इसके लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले के 92 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शौचालयों का निर्माण किया जाना था। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 61-61 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। बीएसए महेश चंद्र ने शौचालयों के निर्माण कार्यों की जांच कराई तो उसमें हकीकत कुछ अलग ही मिली। जांच में 21 स्कूल ऐसे पाए गए हैं, जिनमें शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है। इन स्कूलों पर अब बेसिक शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। शौचालयों का निर्माण नहीं बनाने वाले स्कूलों में ब्लॉक जलीलपुर के पीपली जट, सब्दलपुर तेली, रेहरा, जलीलपुर, रवाना , ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के झलरा, मंडावर, किरतपुर के भनेड़ा प्रथम व द्वितीय, जूनियर हाई स्कूल भनेड़ा, नजीबाबाद में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक लुकादड़ी, अकबरपुर चौगावां, अल्हैपुर में शालीपुर नीचल, नूरपुर छीपरी, शेरकोट, मिलक जहांगीराबाद, ब्लॉक हल्दौर के ऊमरीपीर, हल्दौर, दारानगर, झालू प्रथम और द्वितीय व गांव चांदानंगली का स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों के शिक्षकों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है। जिला समन्वयक निर्माण सलीम अख्तर बेग ने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भेजी गई थी। यदि 15 मई तक शौचालयों निर्माण शुरू कराने की रिपोर्ट नहीं भेजी गई तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण नहीं होने से निर्माण प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बीएसए के आदेश के बाद भी जिले के 21 स्कूलों में शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है। जांच में इसका खुलासा हुआ है। निर्माण प्रभारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई जा रही है। इसके लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले के 92 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शौचालयों का निर्माण किया जाना था। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 61-61 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। बीएसए महेश चंद्र ने शौचालयों के निर्माण कार्यों की जांच कराई तो उसमें हकीकत कुछ अलग ही मिली। जांच में 21 स्कूल ऐसे पाए गए हैं, जिनमें शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है। इन स्कूलों पर अब बेसिक शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। शौचालयों का निर्माण नहीं बनाने वाले स्कूलों में ब्लॉक जलीलपुर के पीपली जट, सब्दलपुर तेली, रेहरा, जलीलपुर, रवाना , ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के झलरा, मंडावर, किरतपुर के भनेड़ा प्रथम व द्वितीय, जूनियर हाई स्कूल भनेड़ा, नजीबाबाद में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक लुकादड़ी, अकबरपुर चौगावां, अल्हैपुर में शालीपुर नीचल, नूरपुर छीपरी, शेरकोट, मिलक जहांगीराबाद, ब्लॉक हल्दौर के ऊमरीपीर, हल्दौर, दारानगर, झालू प्रथम और द्वितीय व गांव चांदानंगली का स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों के शिक्षकों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है। जिला समन्वयक निर्माण सलीम अख्तर बेग ने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भेजी गई थी। यदि 15 मई तक शौचालयों निर्माण शुरू कराने की रिपोर्ट नहीं भेजी गई तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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