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उच्च स्तरीय समिति करेगी पब्लिक स्कूलों की मॉनिटरिंग
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उच्च स्तरीय समिति करेगी पब्लिक स्कूलों की मॉनिटरिंग
बिजनौर। अब पब्लिक स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी पर करीबी से निगाह रखी जाएगी। पहली बार मॉनिटरिंग के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनाई गई है। पहले मंडल स्तर की कमेटी निगरानी करती थी। समिति में उच्च स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। समिति की पहली बैठक 18 फरवरी सोमवार को दोपहर एक बजे विकास भवन में बुलाई गई है। जिले के सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्य को भी बैठक में बुलाया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार शासन को पब्लिक स्कूलों द्वारा जूते, मौजे, ड्रेस के नाम पर मनमनाने तरीके से फीस वसूलने की शिकायत मिल रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विधिनियम अधिनियम 2018 का प्रावधान किया गया। अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए मंडल स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में समिति बनाई गई थी। अब शासन ने अधिनियम के क्रियान्वयन पर नजदीक से निगाह रखने के लिए जिला स्तर पर शुल्क नियामक समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष डीएम हैं। सीएमओ, एआरटीओ, बीएसए, डीआईओएस, जिले की तहसीलों के एसडीएम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, वरिष्ठ कोषाधिकारी समिति के सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त समिति में अभिभावक एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। समिति शुल्क के साथ स्कूलों की छात्रों को लाने के लिए वाहनों पर भी निगाह रखेगी। डीआईओएस के मुताबिक विकास भवन में होने वाली बैठक महत्वपूर्ण है। सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों से कहा गया है कि प्रबंधक व प्रधानाचार्य स्वयं बैठक में आएं। अपने प्रतिनिधि को नहीं भेजें।
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बिजनौर। अब पब्लिक स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी पर करीबी से निगाह रखी जाएगी। पहली बार मॉनिटरिंग के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनाई गई है। पहले मंडल स्तर की कमेटी निगरानी करती थी। समिति में उच्च स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। समिति की पहली बैठक 18 फरवरी सोमवार को दोपहर एक बजे विकास भवन में बुलाई गई है। जिले के सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्य को भी बैठक में बुलाया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार शासन को पब्लिक स्कूलों द्वारा जूते, मौजे, ड्रेस के नाम पर मनमनाने तरीके से फीस वसूलने की शिकायत मिल रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विधिनियम अधिनियम 2018 का प्रावधान किया गया। अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए मंडल स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में समिति बनाई गई थी। अब शासन ने अधिनियम के क्रियान्वयन पर नजदीक से निगाह रखने के लिए जिला स्तर पर शुल्क नियामक समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष डीएम हैं। सीएमओ, एआरटीओ, बीएसए, डीआईओएस, जिले की तहसीलों के एसडीएम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, वरिष्ठ कोषाधिकारी समिति के सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त समिति में अभिभावक एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। समिति शुल्क के साथ स्कूलों की छात्रों को लाने के लिए वाहनों पर भी निगाह रखेगी। डीआईओएस के मुताबिक विकास भवन में होने वाली बैठक महत्वपूर्ण है। सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों से कहा गया है कि प्रबंधक व प्रधानाचार्य स्वयं बैठक में आएं। अपने प्रतिनिधि को नहीं भेजें।
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