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अखिल भारतीय किसान-मजदूरों किया प्रदर्शन
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अखिल भारतीय किसान-मजदूरों ने किया प्रदर्शन
नजीबाबाद । अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने विभिन्न मांगों को लेकर तहसील में प्रदर्शन किया। साथ ही सात सूत्री ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन, शील कुमारी, मो.तकी, डॉ.निसार अहमद के नेतृत्व में किसान-मजदूरों ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी के साथ तहसील पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद मजदूर वर्ग पहले से और कमजोर हुआ है। नौकरी के नाम पर युवाओं को भाजपा ने छला है। पैट्रोल, डीजल व रसोई गैस की कीमत आसमान छू रही है। किसान-मजदूरों ने महामहिम राष्ट्रपति व भारत सरकार के नाम सात सूत्री ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में सरकार मजदूर विरोधी नीतियों पर अंकुश लगाने, महंगाई पर रोक लगाने, श्रम कानून का सही से लागू करने, मजदूरों को कम से कम पांच हजार रुपये पेंशन देने, सार्वजनिक उद्योगों का विनिवेश तथा सार्वजनिक बैंकों का विलय बंद करने, परिषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोईयों व आशाओं का मानदेय 15 हजार रुपये करने, राशन के लिए अंगुठे के अनिवार्यता खत्म किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में इरशाद, सुभाषचंद, इमरान, तेजपाल, पप्पू, शारदा, मंजू, रीना, किरन, शराफत, लखिराम, अंकुल कुमार, महेंद्र सिंह ,मुस्तकीम, संतोष, गीता, पूनम, कविता, रामरती, मुन्नी सहित अनेक किसान-मजदूर शामिल रहे।
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नजीबाबाद । अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने विभिन्न मांगों को लेकर तहसील में प्रदर्शन किया। साथ ही सात सूत्री ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन, शील कुमारी, मो.तकी, डॉ.निसार अहमद के नेतृत्व में किसान-मजदूरों ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी के साथ तहसील पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद मजदूर वर्ग पहले से और कमजोर हुआ है। नौकरी के नाम पर युवाओं को भाजपा ने छला है। पैट्रोल, डीजल व रसोई गैस की कीमत आसमान छू रही है। किसान-मजदूरों ने महामहिम राष्ट्रपति व भारत सरकार के नाम सात सूत्री ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में सरकार मजदूर विरोधी नीतियों पर अंकुश लगाने, महंगाई पर रोक लगाने, श्रम कानून का सही से लागू करने, मजदूरों को कम से कम पांच हजार रुपये पेंशन देने, सार्वजनिक उद्योगों का विनिवेश तथा सार्वजनिक बैंकों का विलय बंद करने, परिषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोईयों व आशाओं का मानदेय 15 हजार रुपये करने, राशन के लिए अंगुठे के अनिवार्यता खत्म किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में इरशाद, सुभाषचंद, इमरान, तेजपाल, पप्पू, शारदा, मंजू, रीना, किरन, शराफत, लखिराम, अंकुल कुमार, महेंद्र सिंह ,मुस्तकीम, संतोष, गीता, पूनम, कविता, रामरती, मुन्नी सहित अनेक किसान-मजदूर शामिल रहे।