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जैविक खेती

Sun, 04 Feb 2018 12:48 AM IST
Updated Sun, 04 Feb 2018 12:48 AM IST
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जैविक खेती
बिजनौर। प्रशासन ने सिक्किम राज्य की तर्ज पर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य ही जीवन व जीवन ही स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया है। स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत शुरू हुए इस कार्यक्रम में किसानों को जैविक खाद का इस्तेमाल करने व एक एकड़ जमीन में कम से कम जैविक खेती आवश्यक रूप से करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के पहले चरण में हर तहसील के एक गांव को गोद लेकर किसानों के ग्रुप बनाए गए हैं।
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उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी के अनुसार जैविक खेती को बढ़ावा देना प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में टॉप पर है। स्वास्थ्य ही जीवन व जीवन ही स्वास्थ्य प्रधानमंत्री का लक्ष्य है। रसायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से जमीन बंजर हो रही हैं। पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। रसायनिक खाद से तैयार गेहूं खानेे तथा प्रदूषित पर्यावरण से मानव के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। शासन का परंपरागत खेती पर जोर है। गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों से अपील की जा रही है कि वे कम से कम एक एकड़ जमीन में जैविक खाद का इस्तेमाल जरूर करें। यदि तुलनात्मक परिणाम बेहतर लगें तो जैविक खेती का रकबा बढ़ा लें।
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जैविक खेती का पांच गांवों में प्रदर्शन
बिजनौर। कृषि विभाग ने जैविक खेती का भौतिक प्रदर्शन करने के लिए जिले के ब्लॉक जलीलपुर में गांव नजराना, हल्दौर ब्लाक में गांव अगरी, स्योहारा ब्लाक में गांव आबिदपुर दूधली, अफजलगढ ब्लाक में गांव शेरगढ़ तथा नजीबाबाद ब्लाक में गांव बीरूवाला गोद लिए हैं। इन गांवों में किसानों का एक एक ग्रुप बनाया है। हर ग्रुप में 50-50 किसान हैं। प्रशासन इन किसानों को जैविक खेती करने के मौके पर रहकर टिप्स दे रहा है।
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जिले में 250 एकड़ में जैविक खेती शुरू
बिजनौर। जिले में 250 एकड़ रकबे में जैविक खेती शुरू हो गई है। तीन साल बीज कन्वर्जन पीरियड है। जैविक खेती की प्रक्रिया तीन साल में पूरी हो जाएगी। इसके बाद किसान को स्वस्थ जैविक खेती बीज नहीं खरीदना पडे़गा। वर्मी कंपोस्ट तैयार करने के लिए किसान को 29,800 रुपये सालाना अनुदान केंद्र से मिलेगा। वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करने के लिए केंचुआ प्रशासन देगा।

गाय के मूत्र से तैयार होगा खाद
बिजनौर। उपनिदेशक कृषि गाय के मूत्र से बीजामृत फर्टीलाइटर तैयार होगा। एक गाय के गोबर से एक हेक्टेयर जैविक खाद तैयार हो सकता है। गाय के मूत्र से बायो इंसैक्टिसाइड तैयार होंगे। किसान खाद व इंसैक्टिसाइड अपने खेत पर ही तैयार कर सकता है। इस काम में कृषि विभाग सहयोग करेगा। कृषि विभाग किसान को डी-कंपोजर देगा।

कृषि विभाग बिक्री केंद्र खोलेगा
बिजनौर जैविक खाद से उत्पादित गेहूं का खुले बाजार में बिक्री रेट 2800 रुपये से 2900 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि रासायनिक खाद डालकर पैदा किए गए गेहूं का बाजार भाव अधिकतम 2400 रुपये प्रति क्विंटल है। जैविक खाद से पैदा गेहूं की बाजार में डिमांड बढ़ रही है। जिले स्तर पर कृषि विभाग किसानों के जैविक गेहूं की बिक्री के लिए बिक्री केंद्र खोलेगा।

गांव-गांव बनेंगे जैविक खाद तैयार करने के पिट
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जैविक खाद तैयार करने के लिए गांव जैविक पिट बनेंगे। गोबर की बर्बादी रूकेगी। गांवों में साफ सफाई रहेगी। गांव गांव सर्वे शुरू हो गया है।


प्रदेश को जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य
उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी के अनुसार देश में सिक्किम राज्य जैविक राज्य घोषित हो चुका है। शासन का सिक्किम राज्य की तर्ज पर प्रदेश को जैविक राज्य बनाने का लक्ष्य है। कृषि विभाग ने गांव गांव खेत की मिट्टी जांच करने का अभियान शुरू कर दिया है। जिले में 2000 आबाद गांवों को जैविक गांव बनाने के प्रयास हैं। इसकी कार्ययोजना पर अमल शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में जैविक खाद से तैयार गेहूं एमपी शरबती की प्रदेश व जिले में अच्छी खपत है।
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