{"_id":"59fe08b44f1c1b68678b986e","slug":"101509820596-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमओआईसी भी करेंगे झोलाझाप चिकित्सकों के यहां छापेमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमओआईसी भी करेंगे झोलाझाप चिकित्सकों के यहां छापेमारी
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। जिले में अब डीएम के निर्देश के बाद क्षेत्रिय एसीएमओ व एमओआईसी (मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज) भी झोलाछाप चिकित्सकों के यहां पर छापेमारी करेंगे। अभी तक सिर्फ क्वैक्स नोडल अधिकारी ही झोलाछाप चिकित्सकों के यहां जांच करते थे।
जिले मुख्यालय पर 28 अक्तूबर को डीएम जगतराज ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों व क्षेत्रिय एसीएमओ को झोलाछाप चिकित्सकों की सूची तैयार करने के साथ-साथ उनके यहां छापेमारी के निर्देश दिए हैं। डीएम का कहना है कि झोलाछाप चिकित्सकों का इलाज कई बार मरीज की मौत हो कारण बना जाता है। झोलाछाप चिकित्सकों पर शिकंजा कसना जरूरी है। अभी तक सिर्फ क्वैक्स के नोडल अधिकारी ही झोलाछाप चिकित्सकों की जांच करते थे, डीएम ने साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपने कार्यों में सुधार लाने के निर्देश भी दिए हैं। सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि डीएम ने डीएचएस (डिस्ट्री हेल्थ सोसाइटी) की बैठक में एमओआईसी व क्षेत्रीय एसीएमओ को भी झोलाछाप चिकित्सकों की जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
जिले मुख्यालय पर 28 अक्तूबर को डीएम जगतराज ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों व क्षेत्रिय एसीएमओ को झोलाछाप चिकित्सकों की सूची तैयार करने के साथ-साथ उनके यहां छापेमारी के निर्देश दिए हैं। डीएम का कहना है कि झोलाछाप चिकित्सकों का इलाज कई बार मरीज की मौत हो कारण बना जाता है। झोलाछाप चिकित्सकों पर शिकंजा कसना जरूरी है। अभी तक सिर्फ क्वैक्स के नोडल अधिकारी ही झोलाछाप चिकित्सकों की जांच करते थे, डीएम ने साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपने कार्यों में सुधार लाने के निर्देश भी दिए हैं। सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि डीएम ने डीएचएस (डिस्ट्री हेल्थ सोसाइटी) की बैठक में एमओआईसी व क्षेत्रीय एसीएमओ को भी झोलाछाप चिकित्सकों की जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन