जिपं अध्यक्ष चुनाव: भदोही में सपा प्रत्याशी ने नहीं भरा पर्चा, अब भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ बीजेपी एमएलए का भाई मैदान में
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किए गए। मऊ और भदोही जिले में सपा प्रत्याशी ने पर्चा ही नहीं भरा। भदोही में अब भाजपा प्रत्याशी की लड़ाई निर्दल प्रत्याशी व भदोही से भाजपा के विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी के भाई अनिरुद्ध त्रिपाठी के बीच है।
विस्तार
प्रदेश की कालीन नगरी में जिले के सबसे बड़े सदन के रूप में शुमार जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए शनिवार नामांकन की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस क्रम में राजनीतिक समीकरण बिल्कुल बदला-बदला सा नजर आया। समाजवादी पार्टी की घोषित प्रत्याशी श्याम कुमारी मौर्य ने नामांकन पर्चा नहीं भरा। ऐसे में अब जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भाजपा प्रत्याशी अमित कुमार सिंह और निर्दल प्रत्याशी व भदोही से भाजपा के विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी के भाई अनिरुद्ध त्रिपाठी के बीच अध्यक्ष पद के लिए सीधी टक्कर होगी।
शुक्रवार को ही अनिल त्रिपाठी के भतीजे चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने भी नामांकन दाखिल किया है। लेकिन चंद्र प्रकाश त्रिपाठी का नामांकन वापस होना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर जिले के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा प्रत्याशी श्याम कुमारी मौर्य के नामांकन नहीं करने से अब दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होगा।
ये देखना दिलचस्प होगा कि भदोही जिले का प्रथम नागरिक कौन बनता है। गौरलतब है कि भदोही में भाजपा जीती तो ढाई दशक का सूखा खत्म होगा। अगर कोई निर्दल प्रत्याशी ने जीत दर्ज किया तो वह भी पहली बार होगा। 25 साल के जिला पंचायत में 23 साल तक सपा ही काबिज रही। लेकिन इस बार सपा ने पहले ही मैदान छोड़ दिया।
भाई का नामांकन कराने पहुंचे भाजपा विधायक।
कालीन नगरी में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अब सरगर्मी ज्यादा बढ़ गई है। दरअसल शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। वहीं जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए लड़ाई अब भाजपा प्रत्याशी और भाजपा विधायक के भाई के बीच हो गई है।
इस क्रम में भदोही विधानसभा से भाजपा विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी शनिवार को अपने भाई अनिरुद्ध त्रिपाठी का नामांकन कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। हालांकि अनिरुद्ध त्रिपाठी भले ही निर्दल उम्मीदवार के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहें हैं ।
लेकिन हकीकत यह भी है कि पार्टी के व संगठन के कुछ कद्दावर नेता अनिरुद्ध के समर्थन में भी गोपनीय तरीके से प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव अब एक ही पार्टी के दो कद्दावर नेताओं के बीच आकर रुक गया है। इस चुनाव में जीत किसकी होगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन चुनाव में आमने सामने लड़ने वाले ज्यादातर नेता एक ही दल के देखे जा रहे हैं ।