{"_id":"58efdb274f1c1b9d36cf942f","slug":"zarin-mangi-mannantane-on-kalan-shah-s-urs","type":"story","status":"publish","title_hn":"कल्लन शाह के उर्स पर जुटे जाइरीन, मांगी मन्नतंे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कल्लन शाह के उर्स पर जुटे जाइरीन, मांगी मन्नतंे
bhadohi hindi news
Updated Fri, 14 Apr 2017 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तकिया कल्लन शाह स्थित हजरत दाता कल्लन शाह रह. के उर्स के मौके पर जायरीन जुटे। इस दौरान आस्ताने पर मन्नते मांगी गईं। फातिहा पढ़ने के लिए जायरीनों का तांता लगा रहा। गुरूवार को दिन भर लंगरे आम में हजारो लोगों ने शिरकत किया।
इस दौरान आयोजित जलसे में मौलाना कासिम जिया ने कहा कि इस्लाम प्रेम और भाईचारे की बुनियाद पर टिका है। हमारे प्यारे नबी ने सबसे पहला पाठ मानवता का पढ़ाया। किसी को दुख देकर सुख खरीदने से कोई इंसान बड़ा नहीं हो जाता। बड़ा तो वो है जो अपनी खुशियों को दबाकर दूसरों को खुश करता है।
मौलाना ने बताया कि नमाज में हर परेशानी का हल है लेकिन मुसलमान अपने परेशानियों का हल और कहीं ढूंढता है। नमाज से दूर होता जा रहा है। जबकि नमाज ही बुराईयों से नेकी की ओर ले जाती है। इसलिए मोहब्बत और अमन का पैगाम दो। गरीबों की सेवा करो अल्लाह तुम्हारी नेक ख्वाहिशात पूरी करेगा। मौलाना अब्दुसमद जेयाई ने भी खिताब किया।
विज्ञापन
शायर शादाब वफा नूरी, हाफिज आस मोहम्मद, फैयाज भदोहवी व जावेद आसिम ने नाते पाक का नजराना पेश किया। उधर सालाना उर्स के पहले दिन जलसे के अलावा दाता कल्लन शाह की मजार पर रात भर जायरीनों का आना जाना लगा रहा। इस दौरान लोग चादरपोशी करने के साथ साथ मजार पर फातिहा पढ़ते रहे। मजार के आसपास मेले जैसा माहौल रहा।
विज्ञापन
इस दौरान आयोजित जलसे में मौलाना कासिम जिया ने कहा कि इस्लाम प्रेम और भाईचारे की बुनियाद पर टिका है। हमारे प्यारे नबी ने सबसे पहला पाठ मानवता का पढ़ाया। किसी को दुख देकर सुख खरीदने से कोई इंसान बड़ा नहीं हो जाता। बड़ा तो वो है जो अपनी खुशियों को दबाकर दूसरों को खुश करता है।
विज्ञापन
मौलाना ने बताया कि नमाज में हर परेशानी का हल है लेकिन मुसलमान अपने परेशानियों का हल और कहीं ढूंढता है। नमाज से दूर होता जा रहा है। जबकि नमाज ही बुराईयों से नेकी की ओर ले जाती है। इसलिए मोहब्बत और अमन का पैगाम दो। गरीबों की सेवा करो अल्लाह तुम्हारी नेक ख्वाहिशात पूरी करेगा। मौलाना अब्दुसमद जेयाई ने भी खिताब किया।
विज्ञापन
शायर शादाब वफा नूरी, हाफिज आस मोहम्मद, फैयाज भदोहवी व जावेद आसिम ने नाते पाक का नजराना पेश किया। उधर सालाना उर्स के पहले दिन जलसे के अलावा दाता कल्लन शाह की मजार पर रात भर जायरीनों का आना जाना लगा रहा। इस दौरान लोग चादरपोशी करने के साथ साथ मजार पर फातिहा पढ़ते रहे। मजार के आसपास मेले जैसा माहौल रहा।