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सीएमएस सहित आठ का रोका वेतन
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चिकित्सा सुविधा व्यवस्था मुकम्मल करने के लिए शासन स्तर से नए अस्पताल खोले जा रहे हैं। जहां चिकित्सकों की कमी है, वहां रिक्त पदों पर तैनाती की जा रही है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। वहीं भदोही जिले में सरकारी अस्पताल नहीं चलने के बावजूद चिकित्सकों की ड्यूटी चालू रहने का मामला प्रकाश में आया है। मंगलवार को सांसद रमेश चंद बिंद ने जब सौ बेड वाले सरपतहां स्थित अस्पताल का निरीक्षण किया तो पता चला कि यहां सीएमएस सहित कुल आठ लोगों का स्टॉफ है, लेकिन यहां मरीजों का इलाज नहीं होता है। पूरे मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने जिलाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। सांसद ने जब वस्तुस्थिति से डीएम को अवगत कराया तो डीएम ने सौ बेड अस्पताल में तैनात सीएमएस, पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों व दो अन्य कर्मियों का वेतन रोकने का आश्वासन दिया।
दोपहर करीब दो बजे सांसद डॉ. रमेश चंद्र बिंद सरपताहां स्थित सौ बेड के अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां निरीक्षण के दौरान पता चला कि एक भी दिन अस्पताल नहीं चलता, जबकि सीएमओ से जानकारी लेने पर पता चला कि यहां सीएमएस, पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ की तैनाती है। यानी ये लोग कागज पर ड्यूटी भी कर रहे हैं। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई और जिलाधिकारी को फोन करके मामले से अवगत कराया। सांसद ने यह सवाल उठाया कि जिनकी तैनाती इस अस्पताल में है, वे कहां ड्यूटी दे रहे हैं, यह पता नहीं है। उधर, सांसद के जाने के बाद जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने भी सौ बेड के अस्पताल का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने सीएमओ से इस संबंध में जानकारी ली। डीएम ने कहा कि शासन ने सीएमएस और अन्य स्टॉफ की तैनाती की है। हालांकि अभी अस्पताल का संचालन नहीं हो रहा है। जब तक अस्पताल शुरू नहीं हो जाता है, तब तक सीएमएस को चाहिए था कि विशेषज्ञ चिकित्सकों को कहीं और संबद्ध करा देते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह उनकी निष्क्रियता है। ऐसे में सीएमएस सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों का वेतन रोकने की कार्रवाई कराई जाएगी।
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दोपहर करीब दो बजे सांसद डॉ. रमेश चंद्र बिंद सरपताहां स्थित सौ बेड के अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां निरीक्षण के दौरान पता चला कि एक भी दिन अस्पताल नहीं चलता, जबकि सीएमओ से जानकारी लेने पर पता चला कि यहां सीएमएस, पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ की तैनाती है। यानी ये लोग कागज पर ड्यूटी भी कर रहे हैं। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई और जिलाधिकारी को फोन करके मामले से अवगत कराया। सांसद ने यह सवाल उठाया कि जिनकी तैनाती इस अस्पताल में है, वे कहां ड्यूटी दे रहे हैं, यह पता नहीं है। उधर, सांसद के जाने के बाद जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने भी सौ बेड के अस्पताल का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने सीएमओ से इस संबंध में जानकारी ली। डीएम ने कहा कि शासन ने सीएमएस और अन्य स्टॉफ की तैनाती की है। हालांकि अभी अस्पताल का संचालन नहीं हो रहा है। जब तक अस्पताल शुरू नहीं हो जाता है, तब तक सीएमएस को चाहिए था कि विशेषज्ञ चिकित्सकों को कहीं और संबद्ध करा देते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह उनकी निष्क्रियता है। ऐसे में सीएमएस सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों का वेतन रोकने की कार्रवाई कराई जाएगी।
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