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Bhadohi News: 53 साल पहले भारत-पाक युद्ध में शहीद की पत्नी का निधन
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शहीद की पत्नी ऊषा देवी। फाइल फोटो
चौरी। साल 1971 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध में शहीद रमाशंकर दीक्षित की पत्नी उषा देवी (70) का बुधवार को निधन हो गया। शादी के डेढ़ वर्ष बाद ही उनके पति शहीद हो गए थे। वे कई दिनों से वह अस्वस्थ थीं। उनका उपचार वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उनके निधन से गांव में शोक है।
चौरी के माधोरामपुर की उषा देवी की शादी 1969 में मोढ़ के बरमोहनी निवासी रमाशंकर दीक्षित से हुई थी। शादी के डेढ़ वर्ष बाद ही 1971 के युद्ध में रमाशंकर दीक्षित शहीद हो गए। वह आईएनएस खुकरी पर तैनात थे। उस समय उषा देवी अपने मायके में थीं।
उनकी उम्र 16 से 17 साल के बीच थी। शहीद रमाशंकर दीक्षित की पत्नी उषा देवी हरियावं के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर भी रह चुकी हैं। पति के शहीद होने के बाद वे मायके में ही रहती थीं। भाइयों ने भी उनका ख्याल रखा। शादी विवाह या अन्य विशेष अवसरों पर ससुराल भी जाती थीं। वाराणसी के मणिकार्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके देवर सुरेंद्र दीक्षित ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर रविंद्र उपाध्याय, संतोष उपाध्याय, अरविंद दीक्षित आदि रहे।
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चौरी के माधोरामपुर की उषा देवी की शादी 1969 में मोढ़ के बरमोहनी निवासी रमाशंकर दीक्षित से हुई थी। शादी के डेढ़ वर्ष बाद ही 1971 के युद्ध में रमाशंकर दीक्षित शहीद हो गए। वह आईएनएस खुकरी पर तैनात थे। उस समय उषा देवी अपने मायके में थीं।
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उनकी उम्र 16 से 17 साल के बीच थी। शहीद रमाशंकर दीक्षित की पत्नी उषा देवी हरियावं के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर भी रह चुकी हैं। पति के शहीद होने के बाद वे मायके में ही रहती थीं। भाइयों ने भी उनका ख्याल रखा। शादी विवाह या अन्य विशेष अवसरों पर ससुराल भी जाती थीं। वाराणसी के मणिकार्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके देवर सुरेंद्र दीक्षित ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर रविंद्र उपाध्याय, संतोष उपाध्याय, अरविंद दीक्षित आदि रहे।
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