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Bhadohi News: एक पंखा और दो एलईडी लाइट जलाने पर पुराने मीटर से आया था 318 रुपये बिल, स्मार्ट मीटर से आया 1098
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ज्ञानपुर। बिजली बिल में पारदर्शिता लाने के लिए बिजली निगम ने प्रीपेड मीटर लगाना शुरू किया है। अब तक 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को ऋुटि रहित बिल मिल रहा है। जबकि उपभोक्ता ज्यादा बिल आने से परेशान हैं। गोपीगंज के रमेश चंद्र ने बताया कि अप्रैल 2025 में 406 रुपये, मई 2025 में 619 रुपये बिल आया था। तीन महीने पहले जब बिजली निगम ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया तो अब मोबाइल पर 14302 रुपये का बिल का मेसेज आ गया। गोपीगंज के शिवा अग्रहरि ने बताया कि घर में दो एलईडी बल्ब जलता है। पुराना बिल नवंबर में 318 रुपये और दिसंबर में स्मार्ट मीटर लगने पर 1098 रुपये का बिल निगम ने भेजा है। जमुनीपुर अठगवां की पूजा देवी ने बताया कि पुराना बिल छह हजार बकाया था। स्मार्ट मीटर लगने पर 21 हजार बकाए मेसेज आ रहा है। पुराना बिल जमा किया तो 13 हजार माइनस में बैलेंस दिख रहा है। अब तो निगम ने कनेक्शन काट दिया है।
अब तक 92 हजार मीटर बदले जा चुके हैं
ज्ञानपुर और भदोही वितरण खंड में दो लाख 51 हजार उपभोक्ता हैं। 33 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति होती है। 20 हजार ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि बिजली चोरी, लाइनलॉस और बिलिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 92 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
उर्जावान या यूपीपीसीएल स्मार्ट एप की ये हैं विशेषताएं
- प्रतिदिन कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई इसकी जानकारी मिलेगी।
- आवंटित लोड से अधिक लोड खर्च करने पर अलर्ट मेसेज मिलेगा।
- उपभोक्ता अपनी शिकायत एप के माध्यम से कर सकेंगे।
- बीते 15 दिन में कितनी बिजली खर्च हुई उसका ब्योरा देख सकेंगे।
- कब-कब कितना बिल जमा किए हैं उसकी भी जानकारी मिलेगी।
- प्रतिदिन की रीडिंग भी इसमें फीड रहती है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद आ रही शिकायतें
- रीडिंग में गलती : कई जगहों पर मीटर तेज चल रहा है या बिल में अचानक ज्यादा रकम आने की शिकायतें आ रही हैं।
- बिल न आना : मीटर लगने के बाद कई महीनों तक बिल नहीं आया, इससे उपभोक्ता भुगतान से अनभिज्ञ रह जा रहे हैं।
केस-एक- जमुनीपुर अठगवां की पूजा देवी ने बताया कि पुराने मीटर में 8100 रुपये बकाया था। दो हजार जमा किया। 6100 रुपये बकाया था। स्मार्ट मीटर लगते ही बिल 21 हजार आ गया। उसके बाद कनेक्शन कट गया। अब निगम के कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं।
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केस-दो - तीन महीने पहले बिजली निगम ने पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया है। घर में सिर्फ दो एलईडी बल्ब जलता है। पुराने मीटर से 318 रुपये बिल आता था। इस महीने 1098 रुपये का बिल आया है। जेई से शिकायत की गई है। अभी तक बिल सुधार नहीं हो सका है। - शिवाजी अग्रहरि, गोपीगंज।
केस-तीन- खमरिया के मधईपुर मोहल्ला निवासी जगदीश कुमार ने बताया कि एक सीएफएल और एक पंखा घर में लगा है। पुराने मीटर से 318 से 400 बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने पर बिल 2200 से ढाई हजार आने लगा है। सुधार के लिए शिकायत की गई, लेकिन अब तक सहीं नहीं हो सका।
केस-चार-
गोपीगंज के रमेश चंद्र ने बताया कि तीन महीने पहले पुराने मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाया गया है। अप्रैल से सितंबर 2025 तक हर महीने 450 से 500 तक बिल आता था। नए स्मार्ट मीटर से बिल छह गुना तक बढ़ गया है। बिल संशोधन के लिए शिकायत किए हैं। अभी सुधार नहीं हुआ है।
जीएमआर कंपनी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर में कोई समस्या नहीं है। पुराने मीटर की रीडिंग जुड़कर आने से ऐसी दिक्कत आ रही है। अब उपभोक्ताओं के यहां चेकर भी लग रहा है। इसके लिए उपभोक्ता मीटर का पांच मिनट का वीडियो बनाकर अपने उपकेंद्र के जेई और एसडीओ से मिलकर बिल संशोधन करा लें। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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अब तक 92 हजार मीटर बदले जा चुके हैं
ज्ञानपुर और भदोही वितरण खंड में दो लाख 51 हजार उपभोक्ता हैं। 33 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति होती है। 20 हजार ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि बिजली चोरी, लाइनलॉस और बिलिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 92 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
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उर्जावान या यूपीपीसीएल स्मार्ट एप की ये हैं विशेषताएं
- प्रतिदिन कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई इसकी जानकारी मिलेगी।
- आवंटित लोड से अधिक लोड खर्च करने पर अलर्ट मेसेज मिलेगा।
- उपभोक्ता अपनी शिकायत एप के माध्यम से कर सकेंगे।
- बीते 15 दिन में कितनी बिजली खर्च हुई उसका ब्योरा देख सकेंगे।
- कब-कब कितना बिल जमा किए हैं उसकी भी जानकारी मिलेगी।
- प्रतिदिन की रीडिंग भी इसमें फीड रहती है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद आ रही शिकायतें
- रीडिंग में गलती : कई जगहों पर मीटर तेज चल रहा है या बिल में अचानक ज्यादा रकम आने की शिकायतें आ रही हैं।
- बिल न आना : मीटर लगने के बाद कई महीनों तक बिल नहीं आया, इससे उपभोक्ता भुगतान से अनभिज्ञ रह जा रहे हैं।
केस-एक- जमुनीपुर अठगवां की पूजा देवी ने बताया कि पुराने मीटर में 8100 रुपये बकाया था। दो हजार जमा किया। 6100 रुपये बकाया था। स्मार्ट मीटर लगते ही बिल 21 हजार आ गया। उसके बाद कनेक्शन कट गया। अब निगम के कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं।
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केस-दो - तीन महीने पहले बिजली निगम ने पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया है। घर में सिर्फ दो एलईडी बल्ब जलता है। पुराने मीटर से 318 रुपये बिल आता था। इस महीने 1098 रुपये का बिल आया है। जेई से शिकायत की गई है। अभी तक बिल सुधार नहीं हो सका है। - शिवाजी अग्रहरि, गोपीगंज।
केस-तीन- खमरिया के मधईपुर मोहल्ला निवासी जगदीश कुमार ने बताया कि एक सीएफएल और एक पंखा घर में लगा है। पुराने मीटर से 318 से 400 बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने पर बिल 2200 से ढाई हजार आने लगा है। सुधार के लिए शिकायत की गई, लेकिन अब तक सहीं नहीं हो सका।
केस-चार-
गोपीगंज के रमेश चंद्र ने बताया कि तीन महीने पहले पुराने मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाया गया है। अप्रैल से सितंबर 2025 तक हर महीने 450 से 500 तक बिल आता था। नए स्मार्ट मीटर से बिल छह गुना तक बढ़ गया है। बिल संशोधन के लिए शिकायत किए हैं। अभी सुधार नहीं हुआ है।
जीएमआर कंपनी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर में कोई समस्या नहीं है। पुराने मीटर की रीडिंग जुड़कर आने से ऐसी दिक्कत आ रही है। अब उपभोक्ताओं के यहां चेकर भी लग रहा है। इसके लिए उपभोक्ता मीटर का पांच मिनट का वीडियो बनाकर अपने उपकेंद्र के जेई और एसडीओ से मिलकर बिल संशोधन करा लें। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता विद्युत