{"_id":"67fab7be3ce4b8076c0fdda4","slug":"wheelplates-scattered-on-rampur-ganga-ghat-pipa-bridge-fear-of-accident-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-124716-2025-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: रामपुर गंगा घाट पीपा पुल पर चकरप्लेट बिखरीं, हादसे का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: रामपुर गंगा घाट पीपा पुल पर चकरप्लेट बिखरीं, हादसे का डर
विज्ञापन
क्षेत्र के रामपुर गंगा घाट पीपा पुल के रखरखाव न होने के कारण चकरप्लेट बिखर गए हैं। वहीं पुल भी जर्जर हो गया। जिससे इस पुल से होकर आने-जाने वाले यात्रियों के बीच खतरे की आशंका बढ़ गई हैं।
खास बात है कि जिम्मेदार भी इसको लेकर अनजान बने हैं। जिले में मानसून सीजन की समाप्ति के बाद रामपुर, सीतामढ़ी और धनतुलसी तीन घाटों पर पीपा पुल का निर्माण कराया जाता है। मिर्जापुर को जोड़ने वाले इन पीपा पुल से बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना है। खासकर शादियों के सीजन में इन पुलों की उपयोगिता बढ़ जाती है।
पीपा पुल के कारण मिर्जापुर और प्रयागराज जैसे जिलों की दूरी भी कम हो जाती है। रामपुर और धनतुलसी पीपा पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग भदोही की ओर से कराया जाता है।
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी की कार्यदायी संस्था ने पुल का निर्माण तो कर दिया, लेकिन रखरखाव न होने से पुल पर जाना खतरे से खाली नहीं है। इस पुल पर हर दिन करीब 15 से 20 हजार लोगों का आना-जाना होता है। चार पहिया से लेकर दो पहिया वाहनों के साथ व्यापारिक गतिविधियों को लेकर व्यपारियों का भी आना-जाना होता है।
पुल तक पहुंचने के लिए बिछाए गए चकरप्लेट जगह-जगह बालू की रेत पर बिखर गए हैं। एक्सईएन एके पांडेय ने बताया कि पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था को दी गई है। अगर चकरप्लेट बिखर गए हैं तो इसे जल्द ही देखवाकर दुरूस्त कराया जाएगा।
विज्ञापन
खास बात है कि जिम्मेदार भी इसको लेकर अनजान बने हैं। जिले में मानसून सीजन की समाप्ति के बाद रामपुर, सीतामढ़ी और धनतुलसी तीन घाटों पर पीपा पुल का निर्माण कराया जाता है। मिर्जापुर को जोड़ने वाले इन पीपा पुल से बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना है। खासकर शादियों के सीजन में इन पुलों की उपयोगिता बढ़ जाती है।
विज्ञापन
पीपा पुल के कारण मिर्जापुर और प्रयागराज जैसे जिलों की दूरी भी कम हो जाती है। रामपुर और धनतुलसी पीपा पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग भदोही की ओर से कराया जाता है।
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी की कार्यदायी संस्था ने पुल का निर्माण तो कर दिया, लेकिन रखरखाव न होने से पुल पर जाना खतरे से खाली नहीं है। इस पुल पर हर दिन करीब 15 से 20 हजार लोगों का आना-जाना होता है। चार पहिया से लेकर दो पहिया वाहनों के साथ व्यापारिक गतिविधियों को लेकर व्यपारियों का भी आना-जाना होता है।
पुल तक पहुंचने के लिए बिछाए गए चकरप्लेट जगह-जगह बालू की रेत पर बिखर गए हैं। एक्सईएन एके पांडेय ने बताया कि पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था को दी गई है। अगर चकरप्लेट बिखर गए हैं तो इसे जल्द ही देखवाकर दुरूस्त कराया जाएगा।