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Bhadohi News: गेहूं की खरीद चार फीसदी भी नहीं पहुंची

Thu, 15 Jun 2023 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jun 2023 12:28 AM IST
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Wheat procurement did not reach even four percent
ज्ञानपुर। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद का सबसे खराब रिकार्ड बन गया है। अबकी बार चार फीसदी भी खरीद नहीं हो सकी। शासन-प्रशासन की तमाम कवायद भी फेल हो गई और 37 हजार एमटी के सापेक्ष मात्र 1323 एमटी ही खरीद हो सकी। इसमें 800 एमटी तो डोर टू डोर खरीद की गई, जबकि क्रय केंद्रों पर ढाई महीने सन्नाटा पसरा रहा।
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जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई। शुरूआत में 26 केंद्रों से शुरूआत की गई, लेकिन बाद में क्रय केंद्रों को बढ़ाकर 36 कर दिया गया। करीब डेढ़ महीने तक खरीद की हालत खराब होने पर शासन के निर्देश पर डोर टू डोर खरीद की शुरूआत हुई, लेकिन अब तक उम्मीद के हिसाब से गेहूं गोदामों पर नहीं पहुंच सका। 15 जून को खरीद का सीजन समाप्त हो जाएगा, लेकिन 3.7 फीसदी ही खरीद हो सकी। शुरुआती दौर से ही सरकारी गेहूं खरीद दम तोड़ती दिखी जो अंत तक कायम रही। केंद्रों से किसानों की दूरी बनी रही, जबकि खुली बोली में किसान अपना गेहूं बेचते रहे।
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आंकड़ों पर गौर करें तो 37 हजार एमटी के सापेक्ष 1323 एमटी ही खरीद हो सकी, जो मात्र 3.7 फीसदी ही रहा। इसमें सुरियावां, रमईपुर और उगापुर में ही अकेले 600 एमटी की खरीद की गई। 20 से अधिक ऐसे केंद्र रहे, जहां सिर्फ 50 से 100 क्विंटल ही गेहूं खरीदा गया। अधिकारियों का कहना है कि बेमौसम बारिश एवं व्यापारियों के अधिक दाम देने से किसान क्रय केंद्रों पर नहीं आए। जिससे दो से ढाई दशक में अब तक सबसे खराब खरीद हो सकी।
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ज्ञानपुर। शासन ने इस बार सरकारी भाव 2125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। यह भाव किसानों को रास नहीं आया। कारण यह कि सरकारी केंद्रों पर बिक्री के लिए पंजीकरण और सत्यापन के फेर में किसान परेशान रहे, उधर बाजार का भाव बिना किसी झंझट के अच्छा मिल गया। इसपर किसानों ने सरकार के केंद्र से दूरी को बना ली। इस सीजन में मंडी में किसानों का गेहूं 23 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया है। जिले को इस बार 37 हजार एमटी का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष मात्र 3.7 फीसदी ही खरीद हो सकी है। खरीद को बढ़ाने के लिए टीमें गांवों में घूमी, लेकिन उसका खास असर नहीं रहा। बाजार में भाव अधिक चलने के कारण अधिकांश किसानों ने गेहूं का स्टॉक कर लिया और व्यापारियों को बेचा। - देवेंद्र सिंह, डिप्टी आरएमओ
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