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निर्माणाधीन फ्लाई ओवरब्रिज पर करंट का खतरा
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ज्ञानपुर/गोपीगंज। नगर क्षेत्र में करोड़ों रुपये से निर्माणाधीन फ्लाई ओवरब्रिज और हाईटेंशन तारों के बीच फासला नाम मात्र का है। थोड़ी सी असावधानी पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद एनएचएआई और विद्युत विभाग की अनदेखी लोगों को जान देकर चुकानी पड़ सकती है।
लगभग दो वर्ष पूर्व एनएचएआई ने सिक्सलेन अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्यसा-19 पर एक दर्जन से अधिक अंडरपास ब्रिज और आधा दर्जन फ्लाई ओवरब्रिज बनाने की रूपरेखा तैयार कर कार्य भी शुरू करा दिया, लेकिन राजमार्ग के उत्तरी-दक्षिणी लेन से उपभोक्ताओं तक बिजली मुहैया कराने के लिए दौड़ाए गए हाईटेंशन तारों को नहीं हटाया गया। निर्माण शुरू कराने के बाद भी कार्यदायी संस्था के अधीन दर्जनों की संख्या में मजदूर, आधुनिक मशीनों, ब्रिज में प्रयुक्त हो रहे उपकरणों के साथ कार्य में लगे रहते हैं। कभी लाइन काटकर या फिर देर तक शटडाउन लेकर ही कार्य कराया जाना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी करने में कमी नहीं छोड़ा है। कार्य के अंतिम चरण में पहुंचते ही एनएचएआई अधिकारियों ने गत दिनों जिला प्रशासन के साथ मंथन कर ठोस पहल करने की रणनीति तैयार तो की, लेकिन सफलता नहीं मिली। यदि हाईटेंशन तारों को हटवा दिया जाएगा तो नगरीय क्षेत्र की आपूर्ति बहाल होने में काफी समय लगेगा। जैसे-तैसे चल रहे कार्यों को काफी हद तक पूर्ण भी करा लिया, लेकिन चिंता की बात यह कि नगर के मध्य स्थित बड़ा चौराहे पर लगे तार ब्रिज से लगभग सटने जैसा है।
नगरवासियों ने एनएचएआई और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण कर सट रहे तारों को अंडरग्राउंड कराकर उत्पन्न होने वाले खतरों से बचाने की आवाज उठाई है। पीडी एनएचएआई अश्विनी राय ने कहा कि जिला प्रशासन को इसके लिए लिखापढ़ी की जा चुकी है। कार्य के समय लगभग 4 से 5 घंटे का शटडाउन लेकर ही मजदूरों और मशीनों से काम लिए जा रहे हैं।
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लगभग दो वर्ष पूर्व एनएचएआई ने सिक्सलेन अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्यसा-19 पर एक दर्जन से अधिक अंडरपास ब्रिज और आधा दर्जन फ्लाई ओवरब्रिज बनाने की रूपरेखा तैयार कर कार्य भी शुरू करा दिया, लेकिन राजमार्ग के उत्तरी-दक्षिणी लेन से उपभोक्ताओं तक बिजली मुहैया कराने के लिए दौड़ाए गए हाईटेंशन तारों को नहीं हटाया गया। निर्माण शुरू कराने के बाद भी कार्यदायी संस्था के अधीन दर्जनों की संख्या में मजदूर, आधुनिक मशीनों, ब्रिज में प्रयुक्त हो रहे उपकरणों के साथ कार्य में लगे रहते हैं। कभी लाइन काटकर या फिर देर तक शटडाउन लेकर ही कार्य कराया जाना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी करने में कमी नहीं छोड़ा है। कार्य के अंतिम चरण में पहुंचते ही एनएचएआई अधिकारियों ने गत दिनों जिला प्रशासन के साथ मंथन कर ठोस पहल करने की रणनीति तैयार तो की, लेकिन सफलता नहीं मिली। यदि हाईटेंशन तारों को हटवा दिया जाएगा तो नगरीय क्षेत्र की आपूर्ति बहाल होने में काफी समय लगेगा। जैसे-तैसे चल रहे कार्यों को काफी हद तक पूर्ण भी करा लिया, लेकिन चिंता की बात यह कि नगर के मध्य स्थित बड़ा चौराहे पर लगे तार ब्रिज से लगभग सटने जैसा है।
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नगरवासियों ने एनएचएआई और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण कर सट रहे तारों को अंडरग्राउंड कराकर उत्पन्न होने वाले खतरों से बचाने की आवाज उठाई है। पीडी एनएचएआई अश्विनी राय ने कहा कि जिला प्रशासन को इसके लिए लिखापढ़ी की जा चुकी है। कार्य के समय लगभग 4 से 5 घंटे का शटडाउन लेकर ही मजदूरों और मशीनों से काम लिए जा रहे हैं।
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