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ढाई हजार प्रसूताओं की फंसी 35 लाख प्रोत्साहन राशि
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Mon, 09 May 2016 01:32 AM IST
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अभिलेखीय त्रुटि के फेर में जनपद की ढाई हजार प्रसूताओं की करीब 35 लाख प्रोत्साहन राशि फंस गई है। जिससे एक साल से लाभार्थी महिलाएं सीएचसी से लेकर सीएमओ कार्यालय का चक्कर काट रही हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ प्रोत्साहन राशि प्रसूताओं को देने के लिए एक नोडल अधिकारी को नामित कर दिया।
भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से प्रसूताओं को 1400 रुपए प्रोत्साहन राशि देना शुरू की। इसमें आशा और एएनम धात्री महिला का पंजीयन एमसीडीसीएस(मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम) पर दर्ज कर समय-समय पर टीकाकरण और प्रसव कराती हैं। वित्तीय वर्ष 2015-16 में विभागीय उदासीनता के चलते करीब चार हजार प्रसूताओं में ढाई हजार की प्रोत्साहन राशि अभिलेखीय त्रुटि के चलते नहीं मिला, जो करीब 35 लाख बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि पंजीकरण न होने पर इन प्रसूताओं का प्रोत्साहन राशि उन्हें नहीं मिला। शिकायत के बाद भी लाभार्थी महिलाएं कार्यालयों का चक्कर काटती रहीं लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। करीब एक साल गुजरने के बाद भी प्रोत्साहन राशि न मिलने पर सीएमओ डॉ.डीके सोनकर ने इसके लिए अलग से एक नोडल अधिकारी को नामित कर दिया, जो जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थियों के पंजीकरण सहित अन्य फार्मों को देखने के बाद उन्हें लाभ दिलाएगा। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 15 से 31 मार्च 2016 तक ढाई हजार लाभार्थी महिलाओं को प्रोत्साहन राशि का चेक नहीं मिल सका।
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भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से प्रसूताओं को 1400 रुपए प्रोत्साहन राशि देना शुरू की। इसमें आशा और एएनम धात्री महिला का पंजीयन एमसीडीसीएस(मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम) पर दर्ज कर समय-समय पर टीकाकरण और प्रसव कराती हैं। वित्तीय वर्ष 2015-16 में विभागीय उदासीनता के चलते करीब चार हजार प्रसूताओं में ढाई हजार की प्रोत्साहन राशि अभिलेखीय त्रुटि के चलते नहीं मिला, जो करीब 35 लाख बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि पंजीकरण न होने पर इन प्रसूताओं का प्रोत्साहन राशि उन्हें नहीं मिला। शिकायत के बाद भी लाभार्थी महिलाएं कार्यालयों का चक्कर काटती रहीं लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। करीब एक साल गुजरने के बाद भी प्रोत्साहन राशि न मिलने पर सीएमओ डॉ.डीके सोनकर ने इसके लिए अलग से एक नोडल अधिकारी को नामित कर दिया, जो जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थियों के पंजीकरण सहित अन्य फार्मों को देखने के बाद उन्हें लाभ दिलाएगा। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 15 से 31 मार्च 2016 तक ढाई हजार लाभार्थी महिलाओं को प्रोत्साहन राशि का चेक नहीं मिल सका।
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