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Bhadohi News: गंगा के सीमावर्ती 30 गांवों में 15 लाख से लगेंगे ट्रीटमेंट प्लांट
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ज्ञानपुर। जिले में गंगा किनारे के गांवों का पानी ट्रीटमेंट प्लांट से होकर गंगा में गिराया जाएगा। नमामि गंगे योजना के तहत 30 गांव में ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। हर गांव में इस पर 45 से 50 हजार रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत गांवों के नालों का पानी पहले गड्ढे सेे होकर दूसरे जालीदार गड्ढे में जाकर आगे बढ़ेगा। तीस गांवों में लगभग 15 लाख रुपये खर्च होंगे।
गंगा जिले की 46 किलोमीटर दायरे से होकर गुजरी है। इस बीच 30 गांव आते हैं। गांव में ट्रीटमेंट प्लांट के इंतजाम नहीं होने से गांवों का गंदा पानी सीधे गंगा में गिराया जाता है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से गंगा की स्वच्छता के लिए पिछले दिनों ड्रोन से सर्वे हुआ था। सर्वे में जिले के तीस गांवों का पानी गंगा में गिरता दिखा। इसका वीडियो और फोटो जिला पंचायत राज विभाग को उपलब्ध कराने के साथ इन नालों को बंद करने या ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का सुझाव दिया गया। इसके बाद विभाग ने सभी 30 गांवों का सर्वे कराया तो नाले सीधे गंगा में गिरते मिले। इसके लिए 30 गांव के प्रधानों संग बैठक करके विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत निधि या अन्य निधि से गंदे पानी को गंगा में रोकने पर बल दिया। इसके लिए गंगा से कुछ दूर यानि गांव के अंतिम छाेर पर दो बड़े गड्ढे बनाए जाएंगे। इसमें एक में ठोस अपशिष्ट जमा होंगे तो उसका निकला पानी दूसरे गड्ढे में जाएगा। उससे पानी छनकर बाहर निकलेगा और गंगा में गिरेगा। निर्देश के क्रम में गंगा की शुद्धता के लिए इन गांवों में गड्ढा बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
जिले के 30 गांवों में सर्वे के बाद यह बात सामने आई थी। इन गांवों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। ग्राम पंचायतें गंगा घाट से कुछ दूर पहले या गांव के अंतिम छोर पर ट्रीटमेंट प्लांट बनवाएगी। - संजय मिश्र, डीपीआरओ।
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गंगा जिले की 46 किलोमीटर दायरे से होकर गुजरी है। इस बीच 30 गांव आते हैं। गांव में ट्रीटमेंट प्लांट के इंतजाम नहीं होने से गांवों का गंदा पानी सीधे गंगा में गिराया जाता है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से गंगा की स्वच्छता के लिए पिछले दिनों ड्रोन से सर्वे हुआ था। सर्वे में जिले के तीस गांवों का पानी गंगा में गिरता दिखा। इसका वीडियो और फोटो जिला पंचायत राज विभाग को उपलब्ध कराने के साथ इन नालों को बंद करने या ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का सुझाव दिया गया। इसके बाद विभाग ने सभी 30 गांवों का सर्वे कराया तो नाले सीधे गंगा में गिरते मिले। इसके लिए 30 गांव के प्रधानों संग बैठक करके विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत निधि या अन्य निधि से गंदे पानी को गंगा में रोकने पर बल दिया। इसके लिए गंगा से कुछ दूर यानि गांव के अंतिम छाेर पर दो बड़े गड्ढे बनाए जाएंगे। इसमें एक में ठोस अपशिष्ट जमा होंगे तो उसका निकला पानी दूसरे गड्ढे में जाएगा। उससे पानी छनकर बाहर निकलेगा और गंगा में गिरेगा। निर्देश के क्रम में गंगा की शुद्धता के लिए इन गांवों में गड्ढा बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
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जिले के 30 गांवों में सर्वे के बाद यह बात सामने आई थी। इन गांवों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। ग्राम पंचायतें गंगा घाट से कुछ दूर पहले या गांव के अंतिम छोर पर ट्रीटमेंट प्लांट बनवाएगी। - संजय मिश्र, डीपीआरओ।
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