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झोलाछाप पर कसेगा शिकंजा, चिन्हित करेगी टीमें
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ज्ञानपुर। कालीन नगरी में झोलाछाप की अब खैर नहीं है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने सीएचसी अधीक्षकों को पत्र लिखकर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में संचालित ऐसे क्लीनिकों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। चुनाव बाद 15 मार्च तक उसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा।
जिले में दो राजकीय, छह सीएचसी, 17 पीएचसी सहित 100 से अधिक सरकारी स्वास्थ्य विभाग के सब सेंटर है। इसी तरह 50 से अधिक छोटे और बड़े पंजीकृत नर्सिंग होम और छोटे अस्पताल संचालित है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में झोलाछाप एक-एक कमरे में क्लीलिक खोलकर आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। मरीजों से इलाज के नाम पर धन उगाही की जाती है। साथ ही सामान्य दवाएं दी जाती हैं। ऐसे में कई बार मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। अब तक कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाता है, लेकिन उसके बाद मामला शांत हो जाता है। नतीजतन झोलाछाप की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की ठान ली है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि झोलाछाप को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करने के लिए डॉक्टरों की टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक की निगरानी में न्याय पंचायत स्तर के स्वास्थ्यकर्मी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बगैर डिग्री के मरीजों का इलाज करने वाले को चिह्नित करेगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। एक साल में स्वास्थ्य विभाग ने 15 से अधिक झोलाछाप पर मुकदमा दर्ज करा चुका है। इसमें अईनछ, कटरा, ठकुराईन के तारा, गोपीगंज सहित अन्य क्षेत्रों में शामिल रहे।
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जिले में दो राजकीय, छह सीएचसी, 17 पीएचसी सहित 100 से अधिक सरकारी स्वास्थ्य विभाग के सब सेंटर है। इसी तरह 50 से अधिक छोटे और बड़े पंजीकृत नर्सिंग होम और छोटे अस्पताल संचालित है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में झोलाछाप एक-एक कमरे में क्लीलिक खोलकर आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। मरीजों से इलाज के नाम पर धन उगाही की जाती है। साथ ही सामान्य दवाएं दी जाती हैं। ऐसे में कई बार मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। अब तक कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
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मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाता है, लेकिन उसके बाद मामला शांत हो जाता है। नतीजतन झोलाछाप की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की ठान ली है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि झोलाछाप को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करने के लिए डॉक्टरों की टीम का गठन किया है। सीएचसी अधीक्षक की निगरानी में न्याय पंचायत स्तर के स्वास्थ्यकर्मी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बगैर डिग्री के मरीजों का इलाज करने वाले को चिह्नित करेगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। एक साल में स्वास्थ्य विभाग ने 15 से अधिक झोलाछाप पर मुकदमा दर्ज करा चुका है। इसमें अईनछ, कटरा, ठकुराईन के तारा, गोपीगंज सहित अन्य क्षेत्रों में शामिल रहे।
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