विकास भवन स्थित सहाकारिता कार्यालय में सोमवार को एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में सचिव, एडीओ और सहकारी बैंक के अफसरों की बैठक हुई। इसमें बकाएदारों से वसूली की रणनीति बनाई गई।
एआर कोआपरेटिव ने कहा कि कर्मचारियों के बेहतर सहयोग से दो साल में करीब पांच करोड़ 22 लाख की वसूली की गई। अब भी दो करोड़ से अधिक की बकाएदारी है। इसकी वसूली दो माह के अंदर करनी है। उन्होंने सभी एडीओ, बैंक कर्मियों और सचिवों से इसमें सहयोग करने का निर्देश दिया। कहा कि अगर बड़े बकाएदार पैसा नहीं जमा करें तो उनके खिलाफ सहकारी समिति अधिनियम के तहत उनकी प्रापर्टी या जमीन को कुर्क या नीलाम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साढ़े चार हजार किसानों पर सात करोड़ से अधिक बकाया था। बताते चलें कि सहकारिता विभाग की समिति से किसानों को उर्वरक और बीज आदि दिया जाता है। जो किसान समिति का सदस्य बना हुआ है उसे यह सामान बिना राशि के दिया जाता है। इसकी राशि किसान फसल आने के बाद जमा कर सकता है। वहीं, विभाग के संचालित सरकारी बैंकों से भी किसानों को ऋण दिया जाता है, लेकिन अधिकतर किसान समय पर ऋण जमा नहीं करते हैं। कई बार इन्हें नोटिस भी भेजी जाती है। अब इन्हें आरसी दी जाएगी। यदि कोई किसान ऋण जमा कर देता है तो उसकी आरसी निरस्त कर दी जाएगी। यदि किसान ऐसा नहीं करता है तो उसकी जमीन आदि प्रापर्टी की कुर्की कर राशि वसूली जाएगी।