{"_id":"60be1ed88ebc3ed468423092","slug":"the-need-to-be-careful-with-dengue-and-malaria-bhadohi-news-vns593463523","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू और मलेरिया से सावधानी बरतने की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू और मलेरिया से सावधानी बरतने की जरूरत
विज्ञापन
ज्ञानपुर। चक्रवात ताउते और यास की बारिश के बाद मौसम गर्म हो गया है। गर्मी के कारण उमस बढ़ गई है। उमस भरी गर्मी के कारण लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जिससे मलेरिया और डेंगू का खतरा भी लोगों को सताने लगा है। हालांकि पिछले साल मलेरिया के 73 मरीज मिले थे जबकि डेंगू से जिला मुक्त रहा।
जिला मलेरिया अधिकारी रामआसरे पाल ने कहा कि कोरोना संकट के बीच मलेरिया की आशंका को देखते हुए जून को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत लोगों को मलेरिया से बचाव के संबंध में जागरूक किया जा रहा है । जिले में पिछले साल 73 मरीज मलेरिया से पीड़ित मिले थे वहीं इस साल अभी तक 15 मरीज मलेरिया के मिल चुके हैं। जबकि पिछले साल से अब तक डेंगू मुक्त जिला रहा ।कहा कि बारिश के बाद तापमान में बार-बार बदलाव की वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी रखना जरूरी है। बुखार को अक्सर लोग वायरल समझ लेते हैं इससे कभी-कभी डेंगू या मलेरिया के मरीज की स्थिति बिगड़ जाती है। कहा कि बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा ठहरे हुए पानी में मच्छर पैदा होने का खतरा रहता है। डेंगू और चिकनगुनिया का मच्छर साफ पानी में और मलेरिया का गंदे पानी में पैदा होता है। हर जगह पानी को पूरी तरह ढककर रखें। कूलर, बाथरूम, किचन आदि में जहां पानी रुका रहता है, वहां सप्ताह में एक बार मिट्टी का तेल या मच्छर भगाने वाले स्प्रे डाल या जला मोबिल का छिड़काव कर दें।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी रामआसरे पाल ने कहा कि कोरोना संकट के बीच मलेरिया की आशंका को देखते हुए जून को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत लोगों को मलेरिया से बचाव के संबंध में जागरूक किया जा रहा है । जिले में पिछले साल 73 मरीज मलेरिया से पीड़ित मिले थे वहीं इस साल अभी तक 15 मरीज मलेरिया के मिल चुके हैं। जबकि पिछले साल से अब तक डेंगू मुक्त जिला रहा ।कहा कि बारिश के बाद तापमान में बार-बार बदलाव की वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी रखना जरूरी है। बुखार को अक्सर लोग वायरल समझ लेते हैं इससे कभी-कभी डेंगू या मलेरिया के मरीज की स्थिति बिगड़ जाती है। कहा कि बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा ठहरे हुए पानी में मच्छर पैदा होने का खतरा रहता है। डेंगू और चिकनगुनिया का मच्छर साफ पानी में और मलेरिया का गंदे पानी में पैदा होता है। हर जगह पानी को पूरी तरह ढककर रखें। कूलर, बाथरूम, किचन आदि में जहां पानी रुका रहता है, वहां सप्ताह में एक बार मिट्टी का तेल या मच्छर भगाने वाले स्प्रे डाल या जला मोबिल का छिड़काव कर दें।
विज्ञापन