ज्ञानपुर। जिला जज विजेंद्र कुमार, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साबिहा खातून, सिविल जज आरिफ अंसारी ने सोमवार को संयुक्त रूप से जिला कारागार और महिला स्वधार गृह का औचक निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं की पड़ताल की। महिला बैरक की रंगाई-पुताई और सफाई का निर्देश दिया। दोपहर बाद जिला कारागार पहुंची संयुक्त टीम ने बंदियों का हालचाल जाना एवं उनके आहार के बारे में जानकारी प्राप्त की। रसोईं में तैयार अरहर की दाल, कद्दू सब्जी, रोटी चावल, की गुणवत्ता का परीक्षण किया। पुरुष महिला एवं विभिन्न बैरकों में जाकर बंदियों से मूलभूत सुविधाओं संग व्यवस्थाओं की जानकारी ली। महिला कैदियों से संवाद करते हुए उन्हें और बच्चों को बिस्कुट, चाकलेट का वितरण किया। जिला जज ने महिला बैरक में रगाई-पुताई और साफ-सफाई करवाने के लिए जेल अधीक्षक को निर्देश दिया। जिला कारागार में तीन बंदी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर उन्हें अलग बैरक में रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण में कहा कि प्रतिदिन बेडशीट बदली जाए। चिकित्साधिकारी प्रत्येक बंदी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। जेल अधीक्षक राजेश वर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में जेल में कुल 416 कैदी है। जिनका समुचित तरीके से खान-पान, चिकित्सा, स्वास्थ्य व व्यक्तित्व विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। इस मौके पर सीओ रामलखन मिश्र, अजय कुमार चौहान आदि रहे। इसके बाद टीम महिला स्वधार गृह सिंहपुर का भी निरीक्षण करने पहुंची। महिला स्वधार गृह की प्रबंधक डॉ. किरन त्रिपाठी और अधीक्षक गरिमा सिंह से उपस्थित पंजिका, सप्ताहिक भोजन मीनू चार्ट सहित अन्य पत्रावलियों को देखा। टीम ने शयन कक्ष, शौचालय कक्ष, मनोरंजन कक्ष आदि का गहनता से निरीक्षण किया। महिला स्वधार गृह में मौके पर मौजूद 18 बच्चियों/महिलाओं से संयुक्त टीम ने आत्मीय संवाद करते हुए उनके विकास के समग्र आयामों पर बल दिया। महिला स्वधार गृह में मौजूद दो युवतियों ने खुद को बालिग बताते हुए पति के साथ जाने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन पति की वर्तमान मौजूदगी/स्थिति को नही बता सकी। जिस पर संयुक्त टीम ने कहा कि जो भी बालिग हो चुकी है, और माता पिता या पति के साथ जाना चाहती है वह प्रार्थना पत्र दें। काउंसलिंग के बाद उन्हें भेजने पर विचार किया जाएगा। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कनौजिया, समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव आदि रहे।