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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   The four-day festival of Surya Shashti will start from today with a bath.

नहाय खाय के साथ आज से शुरू होगा सूर्य षष्ठी का चार दिनी महापर्व

Sun, 07 Nov 2021 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 10:57 PM IST
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The four-day festival of Surya Shashti will start from today with a bath.
ज्ञानपुर। सूर्य उपासना का चार दिवसीय छठ पूजा सोमवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाएगा। महिलाएं नहाय-खाय के साथ इस कठिन व्रत का संकल्प लेंगी। व्रत 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूरा होगा। इसको लेकर महिलाओं, उनके परिवार वालों में उत्साह है।
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पर्व को लेकर सुबह से ही तैयारी करने में श्रद्धालु लगे रहे। घरों में तरह-तरह के व्यंजन तैयार किए जाने लगे तो बाजारों में सूप और बांस की दउरी के साथ ही साथ अन्य फल की खरीदारी करने में जुटे रहे। मान्यता है कि छठ का त्योहार सूर्य की आराधना का पर्व है। भक्त प्रात:काल में सूर्य की पहली किरण और सायंकाल में सूर्य की अंतिम किरण अर्घ्य देकर दोनों का नमन किया जाता है। व्रत के पहले दिन महिलाएं स्नान के बाद सेंधा नमक से बनी लौकी की सब्जी, चना के दाल और चावल का सेवन करेंगी। इस भोजन को तैयार करने में शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। नहाय खाय के दूसरे दिन मंगलवार को ‘खरना’ की परंपरा का निर्वाह किया जाएगा।
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तीसरे दिन बुधवार को मुख्य व्रत होगा। इस दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। इसके बाद चौथे दिन बृहस्पतिवार को उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ महिलाओं का महासंकल्प पूरा होगा। छठ के पूर्व संघ्या पर ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही, औराई, सीतामढ़ी सुरियावां आदि बाजारों में महिलाओं ने पूजन सामग्री की खरीदारी की। कभी बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला छठ पर्व धीरे-धीरे पश्चिमी जिलों में भी अपनी पैठ बना चुका है। जिले में भी काफी संख्या में लोग पर्व को मनाते हैं। बाबा बड़े शिव के पुजारी पं. आचार्य शरद पांडेय ने बताया है कि डाला छठ का अनुष्ठान सोमवार से शुरू हो रहा है। डाला छठ का मुख्य पर्व बुधवार अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ शुरू होगा। पूरी रात कठिन तप व्रत पूर्ण प्रतिक्षा के बाद अगले दिन बृहस्पतिवार को भोर से उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस व्रत पर्व के कठिन अनुष्ठान को पूर्ण कर पारण कर लिया जाएगा।
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