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Bhadohi News: धुआं और धूल का दोहरा हमला, बढ़ रहा लंग कैंसर का खतरा

Sat, 01 Aug 2026 12:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:29 AM IST
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The dual onslaught of smoke and dust: rising risk of lung cancer
ज्ञानपुर। जिले में मुंह और फेफड़ों के कैंसर मरीजों की संख्या अधिक है। पहले जहां धूम्रपान को इसकी प्रमुख वजह माना जाता था। वहीं अब वायु प्रदूषण, धूल, निष्क्रिय धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग) और युवाओं में बढ़ रही ई-सिगरेट (वेपिंग) की प्रवृत्ति भी खतरा बढ़ा रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास लंग कैंसर मरीजों का आंकड़ा नहीं है। विभाग का अनुमान है कि जिले में 50 से अधिक कैंसर मरीज हैं। जिनका उपचार विभिन्न महानगरों के निजी अस्पतालों में चल रहा है।
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सिगरेट और बीड़ी का धुआं पहले से ही फेफड़ों के लिए जहर है, अब हवा में बढ़ता प्रदूषण इस जहर को दोगुना कर रहा है। धूम्रपान और वायु प्रदूषण के संयुक्त असर से जिले में लंग कैंसर के मरीजों की संख्या वृद्धि हो रही है। लेकिन यह मरीज महानगरों में है। सौ शय्या अस्पताल सरपतहां के टीबी व दमा रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक पांडेय ने बताया कि धूम्रपान करने वालों के फेफड़े पहले से कमजोर होते हैं। इनमें कैंसर कोशिकाएं बनने का खतरा अन्य लोगों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि युवा वर्ग भी तेजी से धूम्रपान कर रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो साल में ओपीडी में सांस, खांसी और सीने में दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों में इजाफा हुआ है। इनमें से कई मामले में देर से जांच के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। डॉक्टर विवेक ने बताया कि धूम्रपान को तुरंत बंद करें, घर से निकलते समय मास्क लगाएं और सुबह-शाम व्यायाम करें। हरी सब्जियां और एंटी-ऑक्सीडेंट युक्त फल खाएं
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कैंसर के लक्षण:फेफड़ों के कैंसर (लंग कैंसर) के मुख्य लक्षण है। जिसमें खांसी में खून आना, सीने में दर्द होना इसके शुरुआती लक्षण है। ऐसे व्यक्ति तुरंत चिकित्सकों के सलाह पर जांच कराए। समय से पहले ही बीमारी की पहचान की जा सकती है। जिले में कैंसर के लिए विशेष उपचार की व्यवस्था नहीं है। मरीजों को वाराणसी, लखनऊ या महानगरों का रुख करना पड़ता है।


तंबाकू का सेवन लोगों को नहीं करना चाहिए। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। सौ शय्या अस्पताल में छह बेड का कैंसर डे केयर सेंटर है। - डॉ. एसके चक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भदोही
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