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सरसो में माहो और आलू में झुलसा का खतरा

Sun, 06 Feb 2022 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 12:36 AM IST
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The danger of scorching in mustard and potato
हल्की बारिश और कोहरे के कारण सरसों, चना और आलू की फसल में कीट लगने के साथ ही रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। सबसे अधिक सरसों की फसल में माहो के फैलने का खतरा बढ़ा है। कृषि विभाग ने बचाव के लिए किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें जरूरी दवाओं का छिड़काव कर फसल को बचाने की सलाह दी गई है।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि मौसम में हो रहे बदलाव से फसलों में कीट और रोग फैलने की संभावना बढ़ गई है। माहो कीट सरसों के फूल का रस चूसते हैं। इससे उसमें फलियां नहीं बनती। इसके लिए किसान एजाडिरक्टिन 0.15 प्रतिशत ईसीजी की ढाई लीटर मात्रा को 500-500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। दोपहर दो बजे के बाद ही छिड़काव करना बेहतर होगा। चना और मटर में फली बेधक और सेमीलूपर कीट लगने की आशंका है। इसके लिए बीटी एक किलो या एनपीपी दो प्रतिशत 300 लीटर पानी में बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करना ठीक होगा। इस मौसम में पिछैती आलू में झुलसा रोग लग सकता है। जिनेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी दो किलो को 500 लीटर पानी में मिलाकर एक हेक्टेयर में छिड़काव करना कारगर होगा।
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