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Bhadohi News: राज्य स्तर पर चार पदक जीतने वाले पूर्व हैमर खिलाड़ी का घर में मिला शव
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ज्ञानपुर। कोतवाली क्षेत्र के बालीपुर मोहल्ले में सोमवार को पूर्व हैमर खिलाड़ी ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव (55) का सड़ा हुआ शव मिला। कमरे से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने कमरा खोलकर शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ज्ञानपुर के बालीपुर मोहल्ले के कागभुसुंडी मंदिर के समीप ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव पुत्र महाबीर श्रीवास्तव रहता था। तीन भाइयों में सबसे बड़े ज्ञानेंद्र के दो भाई गाजियाबाद में रहते हैं। कुछ माह पूर्व बच्चे अपनी मां के साथ चाचा के यहां गाजियाबाद चले गए। इस दौरान ज्ञानेंद्र अकेेले ही घर पर थे।
पिछले चार दिन से वह मोहल्ले में नहीं दिखा। सोमवार की सुबह कमरे के पास से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार दूबे फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे को खोलकर देखा तो ज्ञानेंद्र का शव आधा सड़ चुका था। यह देखकर वहां मौजूद लोग हतप्रद रह गए।
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पुलिस ने सभासदों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना को लेकर परिवार वालों को भी सूचना दी गई। मृतक को दो बेटी और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे अभी पढ़ रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शव चार दिन पुराना है। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं है। शरीर पर ब्लैकनेस है।
राज्य स्तर पर चार पदक जीते थे
ज्ञानेंद्र ने तीन दशक पूर्व आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में हैमर थ्रोवर के रूप में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया था। उसने राज्य स्तर पर चार पदक भी जीते थे।
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ज्ञानपुर के बालीपुर मोहल्ले के कागभुसुंडी मंदिर के समीप ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव पुत्र महाबीर श्रीवास्तव रहता था। तीन भाइयों में सबसे बड़े ज्ञानेंद्र के दो भाई गाजियाबाद में रहते हैं। कुछ माह पूर्व बच्चे अपनी मां के साथ चाचा के यहां गाजियाबाद चले गए। इस दौरान ज्ञानेंद्र अकेेले ही घर पर थे।
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पिछले चार दिन से वह मोहल्ले में नहीं दिखा। सोमवार की सुबह कमरे के पास से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार दूबे फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे को खोलकर देखा तो ज्ञानेंद्र का शव आधा सड़ चुका था। यह देखकर वहां मौजूद लोग हतप्रद रह गए।
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पुलिस ने सभासदों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना को लेकर परिवार वालों को भी सूचना दी गई। मृतक को दो बेटी और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे अभी पढ़ रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शव चार दिन पुराना है। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं है। शरीर पर ब्लैकनेस है।
राज्य स्तर पर चार पदक जीते थे
ज्ञानेंद्र ने तीन दशक पूर्व आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में हैमर थ्रोवर के रूप में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया था। उसने राज्य स्तर पर चार पदक भी जीते थे।