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आंदोलित शिक्षकों ने कोठार कराया बंद
Teachers, locked, classroom,
Updated Thu, 02 Apr 2015 01:31 AM IST
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नाराज शिक्षकों ने कोठार बंद कराकर मूल्यांकन न करने का एलान किया। कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूर्ण नहीं किया जाएगा मूल्यांकन नहीं शुरू होगा।
शिक्षक हित से जुड़ी मांगो को लेकर शिक्षक संगठनों ने 30 मार्च से मूल्यांकन बहिष्कार करते हुए मूल्यांकन केंद्र पर धरना दे रहे हैं।
लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया।
शिक्षक नेता हंसराज तिवारी, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सुशील मिश्रा, सभाजीत तिवारी ने कोठार बंद कराया और किसी भी दशा में कोठार न खुलने का निवेदन किया।
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक श्रीनाथ पांडेय ने शिक्षकों के बीच सवित्त एवं वित्तविहीन शब्द की खाई को समाप्त करने की बात कही। मंडलीय मंत्री विरेंद्र सिंह ने शिक्षकों में जोश भरते हुए अंतिम दम तक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
कहा कि शिक्षक अपने धैर्य को न खोएं, उनकी मांग अवश्य पूरी होगी। प्रांतीय संगठन मंत्री देवव्रत दूबे संगठन की मजबूती पर बल देते हुए आंदोलन जारी रखने को कहा।
धरने में अमित पांडेय, समर बहादुर, अमित दूबे, घनश्याम उपाध्याय, जयशंकर अवस्थी, कृपाशंकर, शीतला मिश्र, जयशंकर, रविंद्र मिश्र, कमलेश पांडेय, रंजना ायदव, कंचन पाठक, राजश्री सिंह, चंद्रकला, सुदर्शन राम, मंजू उपाध्याय, लल्लन पांडेय, हीरालाल, राजेश यादव, जितेंद्र सिंह, शंभूनाथ यादव आदि रहे। संचालन वासुदेव तिवारी ने किया।
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शिक्षक हित से जुड़ी मांगो को लेकर शिक्षक संगठनों ने 30 मार्च से मूल्यांकन बहिष्कार करते हुए मूल्यांकन केंद्र पर धरना दे रहे हैं।
लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया।
शिक्षक नेता हंसराज तिवारी, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सुशील मिश्रा, सभाजीत तिवारी ने कोठार बंद कराया और किसी भी दशा में कोठार न खुलने का निवेदन किया।
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक श्रीनाथ पांडेय ने शिक्षकों के बीच सवित्त एवं वित्तविहीन शब्द की खाई को समाप्त करने की बात कही। मंडलीय मंत्री विरेंद्र सिंह ने शिक्षकों में जोश भरते हुए अंतिम दम तक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
कहा कि शिक्षक अपने धैर्य को न खोएं, उनकी मांग अवश्य पूरी होगी। प्रांतीय संगठन मंत्री देवव्रत दूबे संगठन की मजबूती पर बल देते हुए आंदोलन जारी रखने को कहा।
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धरने में अमित पांडेय, समर बहादुर, अमित दूबे, घनश्याम उपाध्याय, जयशंकर अवस्थी, कृपाशंकर, शीतला मिश्र, जयशंकर, रविंद्र मिश्र, कमलेश पांडेय, रंजना ायदव, कंचन पाठक, राजश्री सिंह, चंद्रकला, सुदर्शन राम, मंजू उपाध्याय, लल्लन पांडेय, हीरालाल, राजेश यादव, जितेंद्र सिंह, शंभूनाथ यादव आदि रहे। संचालन वासुदेव तिवारी ने किया।
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