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शिक्षक के जुनून ने बदल दी स्कूल की तस्वीर
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कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुलईपुर शिक्षक और छात्र। फाइल फोटो।
- फोटो : BHADOHI
मन में कुछ करने का जज्बा और जुनून हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। ऐसा ही कर दिखाया है कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुलईपुर के हेडमास्टर आशीष सिंह ने। बिना सरकारी मदद से स्कूल की तस्वीर और तकदीर दोनों ही बदल दी है। मेहनत और लगन से की गई मेहनत का उन्हें ईनाम भी मिला। दो साल पूर्व राज्य पुरस्कार से उन्हें सम्मानित भी किया गया। शिक्षण, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए काम दूसरे स्कूलों के लिए नजीर बन चुका है।
भदोही विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुलइपुर में प्रवेश करते ही लगता ही नहीं कि हम किसी सरकारी स्कूल में आ गए हैं। विद्यालय का अनुशासन और रखरखाव किसी कॉन्वेंट स्कूल जैसा ही नजर आएगा। न शोहरत की चिंता और न ही है दिखावा। विद्यालय से बच्चे के लगातार दो दिन गायब रहने पर उसके माता-पिता से संपर्क करना। कमजोर बच्चों को अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करके पढ़ाना। यह आशीष सिंह की दिनचर्या में शामिल है। अपनी तैनाती के बाद उन्होंने विद्यालय की बदहाली देखी तो विभाग से बजट मिलने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद निजी सहयोग और अपने वेतन से तीन लाख रुपये खर्च करके कई कार्य कराए। पूरे परिसर में इंटरलॉकिंग कराई, प्रोजेक्टर, लैब और स्वच्छ पेयजल के लिए सबमर्सिबल की व्यवस्था की। सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालय की चहारदीवारी का निर्माण, गेट में प्रवेश करते ही महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर लिखाए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य कार्य भी विद्यालय में कराए जो अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा बने।
अच्छी शिक्षा संग मिलते हैं संस्कार
विद्यालय में बच्चों में से पढ़ाई में अच्छे और कमजोर बच्चों को विभाजित कर अतिरिक्त कक्षा लगाई जाती है। जिसका फल है कि जिला, मंडल स्तर पर कई पुरस्कार बच्चों को मिल चुका है। 2018-19 से लगातार यहां के बच्चे पीटी, उत्सव में अव्वल आ रहे हैं। यही नहीं बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ ही संस्कार भी सिखाया जाता है। विद्यालय में क्यारियां बनाकर पर्यावरण का संदेश दिया जा रहा है। मौसम के अनुरूप इसमें पौधे लगाए जाते हैं। सफाई के लिए अपने वेतन से निजी व्यक्ति तैनात किया है। समय-समय पर क्यारी में नए पौधे लगाए जाते हैं।
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टीवी संग वाईफाई की भी सुविधा
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुलईपुर में बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए केवल कंप्यूटर लैब ही नहीं है बल्कि स्मार्ट टीवी और वाईफाई जैसी सुविधाएं भी हैं। स्कूल में प्रोजेक्टर भी लगवाया है जिसकी मदद से बच्चे तमाम प्रोजेक्ट को आसानी से समझते हैं। स्कूल में हर तरफ फैली हरियाली, महापुरुषों के संदेश व उनके फोटो के साथ ही साफ सुथरा भवन सभी को आकर्षित करता है।
पिता से मिली कुछ अलग करने की प्रेरणा
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर आशीष कुमार सिंह ने बताया कि पिता स्व. जनार्दन सिंह से कुछ अलग करने की प्रेरणा मिली। बचपन से ही पिता को बच्चों का भविष्य संवारते देखा। उनकी प्रेरणा से ही कुछ अतिरिक्त प्रयास करना शुरू किया। नेताजी इंटर कॉलेज बरकी वाराणसी से पिता 1996 में सेवानिवृत्त हुए। उसी साल मैं शिक्षक बना। 2013 में कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनाती हुई। जब स्कूल में आए तब यहां छात्र संख्या मात्र 50 थी। शिक्षकों की मेहनत और प्रयास से अब संख्या 196 तक पहुंच गई है। स्कूल के बेहतर माहौल से बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति रहती है।
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भदोही विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुलइपुर में प्रवेश करते ही लगता ही नहीं कि हम किसी सरकारी स्कूल में आ गए हैं। विद्यालय का अनुशासन और रखरखाव किसी कॉन्वेंट स्कूल जैसा ही नजर आएगा। न शोहरत की चिंता और न ही है दिखावा। विद्यालय से बच्चे के लगातार दो दिन गायब रहने पर उसके माता-पिता से संपर्क करना। कमजोर बच्चों को अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करके पढ़ाना। यह आशीष सिंह की दिनचर्या में शामिल है। अपनी तैनाती के बाद उन्होंने विद्यालय की बदहाली देखी तो विभाग से बजट मिलने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद निजी सहयोग और अपने वेतन से तीन लाख रुपये खर्च करके कई कार्य कराए। पूरे परिसर में इंटरलॉकिंग कराई, प्रोजेक्टर, लैब और स्वच्छ पेयजल के लिए सबमर्सिबल की व्यवस्था की। सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालय की चहारदीवारी का निर्माण, गेट में प्रवेश करते ही महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर लिखाए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य कार्य भी विद्यालय में कराए जो अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा बने।
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अच्छी शिक्षा संग मिलते हैं संस्कार
विद्यालय में बच्चों में से पढ़ाई में अच्छे और कमजोर बच्चों को विभाजित कर अतिरिक्त कक्षा लगाई जाती है। जिसका फल है कि जिला, मंडल स्तर पर कई पुरस्कार बच्चों को मिल चुका है। 2018-19 से लगातार यहां के बच्चे पीटी, उत्सव में अव्वल आ रहे हैं। यही नहीं बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ ही संस्कार भी सिखाया जाता है। विद्यालय में क्यारियां बनाकर पर्यावरण का संदेश दिया जा रहा है। मौसम के अनुरूप इसमें पौधे लगाए जाते हैं। सफाई के लिए अपने वेतन से निजी व्यक्ति तैनात किया है। समय-समय पर क्यारी में नए पौधे लगाए जाते हैं।
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टीवी संग वाईफाई की भी सुविधा
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुलईपुर में बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए केवल कंप्यूटर लैब ही नहीं है बल्कि स्मार्ट टीवी और वाईफाई जैसी सुविधाएं भी हैं। स्कूल में प्रोजेक्टर भी लगवाया है जिसकी मदद से बच्चे तमाम प्रोजेक्ट को आसानी से समझते हैं। स्कूल में हर तरफ फैली हरियाली, महापुरुषों के संदेश व उनके फोटो के साथ ही साफ सुथरा भवन सभी को आकर्षित करता है।
पिता से मिली कुछ अलग करने की प्रेरणा
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर आशीष कुमार सिंह ने बताया कि पिता स्व. जनार्दन सिंह से कुछ अलग करने की प्रेरणा मिली। बचपन से ही पिता को बच्चों का भविष्य संवारते देखा। उनकी प्रेरणा से ही कुछ अतिरिक्त प्रयास करना शुरू किया। नेताजी इंटर कॉलेज बरकी वाराणसी से पिता 1996 में सेवानिवृत्त हुए। उसी साल मैं शिक्षक बना। 2013 में कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनाती हुई। जब स्कूल में आए तब यहां छात्र संख्या मात्र 50 थी। शिक्षकों की मेहनत और प्रयास से अब संख्या 196 तक पहुंच गई है। स्कूल के बेहतर माहौल से बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति रहती है।