सीतामढ़ी। 33 केवीए की मुख्य लाइन में खराबी आ जाने से तटवर्ती गांव 24 घंटे से अंधेरे में हैं। पर्यटन स्थल सीतामढ़ी समेत छोटे-बड़े बाजार सन्नाटे में आ गए। पेयजल संसाधनों के न चल पाने के कारण लभग 20 हजार से अधि कार परिवार हैण्डपंप की ओर रूख करने के लिए विवश हैं। मकर संक्राति नजदीक होने को लेकर आपूर्ति न मिलने से परेशान आटा, तेल चक्की संचालकों को काफी नुकसान उठाने के लिए विवश होना पड़ रहा है तो ग्रामीण 40 से 50 किलोमीटर दूर संसाधनों को खोजने में व्यस्तता बढ़ा दिए हैं। उपभोक्ताओं ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर कौलापुर से होकर वहिदानगर, सीतामढ़ी, सेमराध, रमईपुर, अकोढ़ा उपकेंद्र को जोड़ने वाली मुख्य लाइन का केबिल बाक्स जल गया था। तब से अब तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। नया फीडर पर देर शाम छह बजे तक आपूर्ति बहाल होने पर वोल्टेज की स्थिति काफी डावाडोल रही लेकिन तटवर्ती गांव सीतामढ़ी, नारेपार, मठहा, शुक्लान, बारीपुर, कुढ़वा, फुलवरिया, डीघ सीएचसी, थाना कोइरौना, सीतामढ़ी मंदिर, पुलिस चौकी बनिया का तारा, पैगहा, बनकट, झरिहगपुर, चकिया, कटरा बाजार, जलनिगम डीघ, अरई, खेमापुर, दुगुना, इटहरा, कूड़ीकला, कूड़ीखुर्द, शेरपुर, बहपुरा, भदरांव, मवैया थन सिंह, बसगोती मवैया, धनतुलसी, कलातुलसी, महरच्छातुलसी, कलिकमवैया, छेछुआ, भुर्रा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा, जलनिगम इटहरा को आपूर्ति नहीं मिल सकी। सीतामढ़ी मंदिर के प्रबंधक कैलाशचंद्र ने कहा कि आपूर्ति न मिलने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिशासी अभियंता सदर अमर सिंह ने बताया कि केबिल बाक्स की खराबी से मुख्य लाइन में व्यवधान आया था। खराबी को दूर कराकर आपूर्ति चालू करा दी गई है। तटवर्ती गांवों में आपूर्ति बहाल न होने की जांच कराकर बहाल कराई जाएगी।