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Bhadohi News: बीडा के खिलाफ आंदोलन में सुभाषिनी अली भाग लेंगी
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संयुक्त किसान मोर्चा जिला भदोही की बैठक हृदयलाल यादव के आवास पर हुई। बैठक में जौनपुर जनपद के मजदूर और किसान नेताओं ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के मास्टर प्लान 2041 को आम आदमी विरोधी बताते हुए 25 अक्तूबर को बीडा कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने का एलान किया गया। इस आंदोलन में भाकपा (मा) की नेता सुभाषिनी अली भी भाग लेंगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष, उप्र किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इन्द्रदेव पाल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा-2 उपधारा 2ख में स्पष्ट उल्लेख है कि 70 प्रतिशत लोग जमीन देने के लिए सहमत ना हों तो भूमि अधिग्रहण नहीं की जा सकती। जबकि संगठन के लोगों ने 340 गांवो में कसेरू, हीरापट्टी, सुरेरी, सेम्हुईरामपुर, भगौतीदासपुर, तारापुर, दत्तीपुर, रजईपुर, जंगला, घरांव, भुसौला, चकबसुही, जमुनीपुर अठगवां, लागनबारी, दूबेपुर आदि में ग्रामीणों को इसकी जानकारी तक नहीं है। इन ग्रामीणों से सहमति भी नहीं ली गई है।
बैठक में कहा गया कि बीडा अधिकारियों की मंशा साफ नहीं है। ग्रामीणों को अंधेरे में रखा जा रहा है। इस संंबंध में बीडा से जवाब भी मांगा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।
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इसलिए 25 अक्तूबर को बीडा कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में रामचन्द्र पटेल, रामजीत यादव, बनारसी सोनकर, भुलाल पाल, भान सिंह मौर्या, अमृतलाल, पंधारी आदि रहे।
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बैठक में भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के मास्टर प्लान 2041 को आम आदमी विरोधी बताते हुए 25 अक्तूबर को बीडा कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने का एलान किया गया। इस आंदोलन में भाकपा (मा) की नेता सुभाषिनी अली भी भाग लेंगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष, उप्र किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इन्द्रदेव पाल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा-2 उपधारा 2ख में स्पष्ट उल्लेख है कि 70 प्रतिशत लोग जमीन देने के लिए सहमत ना हों तो भूमि अधिग्रहण नहीं की जा सकती। जबकि संगठन के लोगों ने 340 गांवो में कसेरू, हीरापट्टी, सुरेरी, सेम्हुईरामपुर, भगौतीदासपुर, तारापुर, दत्तीपुर, रजईपुर, जंगला, घरांव, भुसौला, चकबसुही, जमुनीपुर अठगवां, लागनबारी, दूबेपुर आदि में ग्रामीणों को इसकी जानकारी तक नहीं है। इन ग्रामीणों से सहमति भी नहीं ली गई है।
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बैठक में कहा गया कि बीडा अधिकारियों की मंशा साफ नहीं है। ग्रामीणों को अंधेरे में रखा जा रहा है। इस संंबंध में बीडा से जवाब भी मांगा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।
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इसलिए 25 अक्तूबर को बीडा कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में रामचन्द्र पटेल, रामजीत यादव, बनारसी सोनकर, भुलाल पाल, भान सिंह मौर्या, अमृतलाल, पंधारी आदि रहे।