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कालीन उत्पादन की प्रक्रिया से रुबरू हुए छात्र
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भदोही। इंस्टीच्यूट आफ इन्नोवेशन काउंसिल के तत्वाधान में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के दो दर्जन छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को भदोही नगर के एक कालीन कंपनी का भ्रमण किया। कंपनी संचालक मोहम्मद सलमान व डिजाइनर मो. हफिज अंसारी ने दल में शामिल छात्र-छात्राओं को कालीन तैयार किए जाने के प्रोसेस क बारे में जानकारी देने के साथ उन्हें विभिन्न प्रोसेस दिखाए।
छात्र-छात्राओं को रंगाई की प्रक्रिया से रूबरू कराया। उन्हें कालीनों में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रकार के धागे, चमड़े, जूट आदि दिखाए साथ ही उन्हें उनकी रगाई करना, बुनाई करना, डिजाईन तैयार करना अदि से अवगत कराया। दल के सदस्य कालीन की बुनाई और उनकी तैयारी देख कर मंत्रमुग्ध हो गए। उन्हें नहीं पता था कि एक एक कालीन तैयार होने में महीनो लग जाते हैं तथा उनके तैयार होने के पीछे कितनी मेहनत और लगन होती है।
भारी भरकम कालीनों की धुलाई भी होती है यह बच्चों को पता तक नहीं था। लेकिन आंखों के सामने कालीन धुलाई देखने के बाद विश्वास हो सका। डा.मेराज अंसारी ने छात्र-छात्राओं और दल में शामिल शिक्षकों का स्वागत किया। मुख्य रूप से महाविद्यालय के प्राध्यापक डा.हेमंत कुमार निराला, डा.मनीषा एवं डा.रविंद्र कुमार भी रहे।
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छात्र-छात्राओं को रंगाई की प्रक्रिया से रूबरू कराया। उन्हें कालीनों में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रकार के धागे, चमड़े, जूट आदि दिखाए साथ ही उन्हें उनकी रगाई करना, बुनाई करना, डिजाईन तैयार करना अदि से अवगत कराया। दल के सदस्य कालीन की बुनाई और उनकी तैयारी देख कर मंत्रमुग्ध हो गए। उन्हें नहीं पता था कि एक एक कालीन तैयार होने में महीनो लग जाते हैं तथा उनके तैयार होने के पीछे कितनी मेहनत और लगन होती है।
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भारी भरकम कालीनों की धुलाई भी होती है यह बच्चों को पता तक नहीं था। लेकिन आंखों के सामने कालीन धुलाई देखने के बाद विश्वास हो सका। डा.मेराज अंसारी ने छात्र-छात्राओं और दल में शामिल शिक्षकों का स्वागत किया। मुख्य रूप से महाविद्यालय के प्राध्यापक डा.हेमंत कुमार निराला, डा.मनीषा एवं डा.रविंद्र कुमार भी रहे।
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