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साहब! मां का खर्च नहीं उठा पाऊंगा
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ज्ञानपुर। सुनने में थोड़ा अटपटा लगेगा, लेकिन है सोलह आने सच। दो बीबी और चार बच्चों का खर्च उठाने वाले एक बेटे ने बुढ़ापे में अपनी मां को खिला पाने में असमर्थता जाहिर कर दी। रविवार को उसने बकायदा महिला थाने में प्रार्थना पत्र भी दे दिया। थाने में बेटे की इस करतूत पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने नसीहत दी, लेकिन वह नहीं पिघला। मां की हालत देखकर बेटी ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी। उसने आरोप लगाया कि मां की दौलत हथियाने के बाद अब वह उसे बेसहारा छोड़ रहा है।
ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की मिश्रा मार्केट में दुकान है। युवक की दो बीवियां हैं, जबकि दोनों पत्नियों से उसके चार बच्चे हैं। दूसरी बीवी इन दिनों मायके में बताई जाती है। दो बीबी संग चार बच्चों का भरण-पोषण वह खुशी-खुशी करता है, लेकिन बूढ़ी मां को साथ रखने में शायद उसके घर का बजट बिगड़ जा रहा है। थाने में दिए प्रार्थना पत्र में उसने इसका जिक्र भी किया। उसने कहा कि मां की सेवा कर पाना उसके वश में नहीं है। बूढ़ी मां को बेसहारा छोड़ा तो बेटी सामने आई। उसने थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसकी मां की जायदाद को बेचकर भाई उसे प्रताड़ित करता है। दो दिन से उसे खाना भी नहीं दिया गया। बूढ़ी मां के साथ बेटे का यह व्यवहार देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे खरी-खोटी भी सुनाई पर वह टस से मस नहीं हुआ। फिलहाल मां उसी बेटे के घर में है, लेकिन बुढ़ापे में उसके भविष्य को लेकर असमंजस के बादल मंडरा रहे हैं। इस घटना की सोमवार को काफी चर्चा रही। हर किसी की जुबां पर यही सुनने को मिला कि हे भगवान किसी मां को बेटा दे, लेकिन ऐसा न दे।
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ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की मिश्रा मार्केट में दुकान है। युवक की दो बीवियां हैं, जबकि दोनों पत्नियों से उसके चार बच्चे हैं। दूसरी बीवी इन दिनों मायके में बताई जाती है। दो बीबी संग चार बच्चों का भरण-पोषण वह खुशी-खुशी करता है, लेकिन बूढ़ी मां को साथ रखने में शायद उसके घर का बजट बिगड़ जा रहा है। थाने में दिए प्रार्थना पत्र में उसने इसका जिक्र भी किया। उसने कहा कि मां की सेवा कर पाना उसके वश में नहीं है। बूढ़ी मां को बेसहारा छोड़ा तो बेटी सामने आई। उसने थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसकी मां की जायदाद को बेचकर भाई उसे प्रताड़ित करता है। दो दिन से उसे खाना भी नहीं दिया गया। बूढ़ी मां के साथ बेटे का यह व्यवहार देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे खरी-खोटी भी सुनाई पर वह टस से मस नहीं हुआ। फिलहाल मां उसी बेटे के घर में है, लेकिन बुढ़ापे में उसके भविष्य को लेकर असमंजस के बादल मंडरा रहे हैं। इस घटना की सोमवार को काफी चर्चा रही। हर किसी की जुबां पर यही सुनने को मिला कि हे भगवान किसी मां को बेटा दे, लेकिन ऐसा न दे।
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