घोसिया। नगर पंचायत घोसिया में स्वच्छ भारत मिशन का पलीता लग रहा है। साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। वार्ड नंबर नौ में न दुर्गंध से राहत मिल पा रही है न प्रदूषण से। प्लास्टिक युक्त कूड़े के जलाने से जहरीली गैस के घुटन से लोग परेेेशान है। नागरिकों ने कहा कि सुधार न हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वार्ड निवासी शमशाद अली, बाबूअली, किशोरचंद, पवन आदि ने बताया कि नगर प्रशासन 10 से 12 की संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। जो हर वार्ड की जिम्मेदारी संभाल कर सफाई कार्य करते हैं। कुछ ऐसे हैं जो सफाई कराकर निकलने वाले कूड़ों को उसी स्थान पर डंप करा देते हैं जहां से लोगों के आवागमन, सामानों की खरीदारी, दुकानें रहती हैं। कूड़ों की अधिकता को देखकर उसमें आग लगा दी जाती है। दुर्गंधयुक्त धुआं वार्ड में फैलकर न सांस लेने देता हैं न लोग घरों में रह पाते हैं। धुआं का प्रदूषण खाली, श्वांस, नजला, आंख में जलन का प्रभाव झेलने वाले रहमत अली, सुनील, सुबराती, अहमदरजा ने ऐसा न करने की शिकायत भी सफाई कर्मियों से जिन पर कोई असर नहीं है। इम्तियाज ने आरोप लगाया है कि नगर प्रशासन स्वच्छता अभियान को नजरंदाज कर हर कार्य कराया जाता है जिसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। नगर अध्यक्ष रजिया नुमान से जब इस समस्या पर सवाल कि या गया तो उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए स्थान सुरक्षित कराया जा चुका है। आरोप लगाने वाले राजनीतिक षड्यंत्र रच रहे हैं।