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असंख्य दीपों से टिमटिमाया सीतामढ़ी घाट
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सीतामढ़ी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर काशी- प्रयाग और विंध्य की हृदयस्थली सीतामढ़ी में जाह्नवी के पावन तट पर स्वर्गिक छटा बिखरी। पतित पावनी के पावन तट पर जब असंख्य दीपक टिमटिमाए तो इस मनोहारी नयनाभिराम दृश्य को लोग अपलक निहारते रह गए। मौका था देव दीपावली गंगा महोत्सव का।
महर्षि वाल्मीकि आश्रम और पावन गंगा तट पर आयोजित महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि कालिका इंटर कॉलेज कोइरौना के प्रबंधक, समाजसेवी राहुल दूबे ने प्रथम दीप जला कर किया। उन्होंने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा को स्वर्ग में देवता दीपावली मनाते हैं। देव दीपावली का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। महोत्सव भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक है। इसके बाद उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन और मां गंगा की महाआरती की। पं.हरिप्रसाद मिश्रा आचार्य पं बलस्टर शुक्ल, पं. महेश मिश्रा आदि विद्वानों ने वेद मंत्रों के उद्घोष के साथ धार्मिक कार्यक्रम को संपन्न कराया। इस मौके मां गंगा और मां सीता के जयकारे से गंगा का पावन तट गुंजायमान होता रहा। इसके पश्चात हजारों आस्थावानों ने असंख्य दीयों को जलाया और गंगा की अविरल धारा में दीप मालाएं प्रवाहित की गईं। गंगा तट सहित पक्का घाट, प्राचीन मंदिर परिसर, सीता वट चबूतरा आदि स्थलों पर जब असंख्य दीये टिमटिमाने लगे तो स्वर्गिक छटा बिखर गई। दीयों के विहंगम दृश्य को श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। दीपदान करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर आयोजन समिति के प्रबंधक महंत हरिप्रसाद मिश्र, अध्यक्ष बसंतलाल गौड़, दुर्गेश तिवारी, प्रधान मिश्रीलाल, श्यामजी सेठ, कल्लू मिश्रा आदि रहे।
इठलाती दीपमालाओं से विहंगम बना नजारा
सीतामढ़ी। गंगा की अविरल धारा में इठलाती दीप मालाएं मानो ऐसा आभास करा रही थीं कि आसमान में पूनम के चांद से यह कह रही हों कि आज पतित पावनी के पावन तट का नयनाभिराम विहंगम दृश्य स्वर्ग से देवता भी देख रहे हैं। देव दीपावली की शाम धार्मिक स्थली के तट पर जब असंख्य दीप प्रज्ज्वलित हुए तो इस छटा को हर आंखें निहारती रहीं। वातावरण मनोहारी और भक्ति रस में सराबोर रहा। इस मौके पर कमला शंकर मिश्रा, गुलाब गोस्वामी,कल्लू गौड़, राधेश्याम दूबे, जज्जे पांडेय, रामकृष्ण मिश्रा आदि रहे।
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‘मां सीता सम्मान’ पा भावुक हुईं डॉ. राजकुमारी
सीतामढ़ी। शिक्षा, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका में रहने वाली दयावंती पुंज मॉडल स्कूल की एडमिनिस्ट्रेटर और पूर्व प्रधानाचार्या डॉ. राजकुमारी को देव दीपावली गंगा महोत्सव के अवसर पर मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि आश्रम प्रांगण में एक भव्य समारोह में ‘मां सीता सम्मान’ से नवाज गया। यह सम्मान महारानी सीता श्री राम जानकी मंदिर ट्रस्ट की ओर से दिया गया है। इस मौके पर डॉ .राजकुमारी को प्रमाण पत्र के साथ मान पत्र प्रदान कर अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने के बाद वह भावुक हो गईं। कहा कि धार्मिक संस्था और क्षेत्रीय लोगों ने आज जो सम्मान और प्यार दिया है, उसे मैं कभी भी भूल नहीं सकती।
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महर्षि वाल्मीकि आश्रम और पावन गंगा तट पर आयोजित महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि कालिका इंटर कॉलेज कोइरौना के प्रबंधक, समाजसेवी राहुल दूबे ने प्रथम दीप जला कर किया। उन्होंने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा को स्वर्ग में देवता दीपावली मनाते हैं। देव दीपावली का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। महोत्सव भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक है। इसके बाद उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन और मां गंगा की महाआरती की। पं.हरिप्रसाद मिश्रा आचार्य पं बलस्टर शुक्ल, पं. महेश मिश्रा आदि विद्वानों ने वेद मंत्रों के उद्घोष के साथ धार्मिक कार्यक्रम को संपन्न कराया। इस मौके मां गंगा और मां सीता के जयकारे से गंगा का पावन तट गुंजायमान होता रहा। इसके पश्चात हजारों आस्थावानों ने असंख्य दीयों को जलाया और गंगा की अविरल धारा में दीप मालाएं प्रवाहित की गईं। गंगा तट सहित पक्का घाट, प्राचीन मंदिर परिसर, सीता वट चबूतरा आदि स्थलों पर जब असंख्य दीये टिमटिमाने लगे तो स्वर्गिक छटा बिखर गई। दीयों के विहंगम दृश्य को श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। दीपदान करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर आयोजन समिति के प्रबंधक महंत हरिप्रसाद मिश्र, अध्यक्ष बसंतलाल गौड़, दुर्गेश तिवारी, प्रधान मिश्रीलाल, श्यामजी सेठ, कल्लू मिश्रा आदि रहे।
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इठलाती दीपमालाओं से विहंगम बना नजारा
सीतामढ़ी। गंगा की अविरल धारा में इठलाती दीप मालाएं मानो ऐसा आभास करा रही थीं कि आसमान में पूनम के चांद से यह कह रही हों कि आज पतित पावनी के पावन तट का नयनाभिराम विहंगम दृश्य स्वर्ग से देवता भी देख रहे हैं। देव दीपावली की शाम धार्मिक स्थली के तट पर जब असंख्य दीप प्रज्ज्वलित हुए तो इस छटा को हर आंखें निहारती रहीं। वातावरण मनोहारी और भक्ति रस में सराबोर रहा। इस मौके पर कमला शंकर मिश्रा, गुलाब गोस्वामी,कल्लू गौड़, राधेश्याम दूबे, जज्जे पांडेय, रामकृष्ण मिश्रा आदि रहे।
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‘मां सीता सम्मान’ पा भावुक हुईं डॉ. राजकुमारी
सीतामढ़ी। शिक्षा, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका में रहने वाली दयावंती पुंज मॉडल स्कूल की एडमिनिस्ट्रेटर और पूर्व प्रधानाचार्या डॉ. राजकुमारी को देव दीपावली गंगा महोत्सव के अवसर पर मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि आश्रम प्रांगण में एक भव्य समारोह में ‘मां सीता सम्मान’ से नवाज गया। यह सम्मान महारानी सीता श्री राम जानकी मंदिर ट्रस्ट की ओर से दिया गया है। इस मौके पर डॉ .राजकुमारी को प्रमाण पत्र के साथ मान पत्र प्रदान कर अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने के बाद वह भावुक हो गईं। कहा कि धार्मिक संस्था और क्षेत्रीय लोगों ने आज जो सम्मान और प्यार दिया है, उसे मैं कभी भी भूल नहीं सकती।