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Bhadohi News: साहब...यहां कब तक बनेगा ओवरब्रिज-अंडरपास
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ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के माधोसिंह-प्रयागराज रेल खंड स्थित फाटक संख्या 43ए पर ओवरब्रिज या अंडरपास की मांग तेज होती जा रही है। कई ग्रामीणों ने रेल मंत्रालय से लकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर जल्द निर्माण की मांग की।
माधोसिंह-प्रयागराज रेल खंड जिले के पूर्वी और पश्चिमी छोर तक लगभग 45 किमी का दायरा तय करती है। पांच वर्ष पूर्व से रेल खंड आधुनिकीकरण योजना में शामिल होकर लगभग 80 फीसद कार्यों से संतृप्त भी हो चुकी है लेकिन तटवर्ती और अंतर जनपदीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले प्रमुख फाटक पर न तो ओवरब्रिज और न ही अंडरपास बना। एकमात्र माधोसिंह स्टेशन का पूर्वी फाटक दो वर्ष से स्वीकृति मिलने पर भी ओवरब्रिज निर्माण की शुरुआत होने के लिए तरस रहा है। जिले की सीमा में ही छह-सात ऐसे भी फाटक हैं जो हर तरह के मानक को पूरा कर अंडरपास, ओवरब्रिज के इंतजार में हैं। इन फाटकों से प्रतिदिन सैड़कों वाहनों के साथ 40-50 तटवर्ती गांवों के लोगों का आवागमन उत्तरी-दक्षिणी सीमा की ओर होता है। रेल खंड के आधुनिकीकरण होने पर लगभग 10 जोड़ी विशेष तो अन्य खंडों पर चल रहे तकनीकी कार्यों के कारण महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन होता है। ऐसी स्थिति में फाटकों के बंद रहने से जाम की समस्या प्रबल होने में देर नहीं करती। रेलवे फाटक ककराही, केड़वरिया, कौलापुर, सरायजगदीश, दरवांसी, कोइरौना कब बंद रहेंगे और कब खुलेंगे आवागमन करने वाले नहीं समझ पाते और बारिश, धूप में खड़े होकर ट्रेनों के गतंव्य की ओर बढ़ने का इंतजार भारी पड़ता है। ऐसे फाटकों पर ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण होने से समस्या दूर होगी।
ज्ञानपुर। मंडल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी विनीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि व्यस्त यातायात वाले फाटक ओवरब्रिज, अंडरपास की सुविधा से जोड़े जा रहे हैं और सुरक्षा-संरक्षा अंतर्गत उक्त व्यवस्थाएं प्राथमिकता में है। सोमवार को अजय कुमार शुक्ला, संजू मिश्रा ने फाटक संख्या 43ए की शिकायत दर्ज कराई है। तकनीकी रिपोर्ट प्राप्त कर फाटक संख्या 43ए की समस्या का समाधान भी करा दिया जाएगा।
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माधोसिंह-प्रयागराज रेल खंड जिले के पूर्वी और पश्चिमी छोर तक लगभग 45 किमी का दायरा तय करती है। पांच वर्ष पूर्व से रेल खंड आधुनिकीकरण योजना में शामिल होकर लगभग 80 फीसद कार्यों से संतृप्त भी हो चुकी है लेकिन तटवर्ती और अंतर जनपदीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले प्रमुख फाटक पर न तो ओवरब्रिज और न ही अंडरपास बना। एकमात्र माधोसिंह स्टेशन का पूर्वी फाटक दो वर्ष से स्वीकृति मिलने पर भी ओवरब्रिज निर्माण की शुरुआत होने के लिए तरस रहा है। जिले की सीमा में ही छह-सात ऐसे भी फाटक हैं जो हर तरह के मानक को पूरा कर अंडरपास, ओवरब्रिज के इंतजार में हैं। इन फाटकों से प्रतिदिन सैड़कों वाहनों के साथ 40-50 तटवर्ती गांवों के लोगों का आवागमन उत्तरी-दक्षिणी सीमा की ओर होता है। रेल खंड के आधुनिकीकरण होने पर लगभग 10 जोड़ी विशेष तो अन्य खंडों पर चल रहे तकनीकी कार्यों के कारण महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन होता है। ऐसी स्थिति में फाटकों के बंद रहने से जाम की समस्या प्रबल होने में देर नहीं करती। रेलवे फाटक ककराही, केड़वरिया, कौलापुर, सरायजगदीश, दरवांसी, कोइरौना कब बंद रहेंगे और कब खुलेंगे आवागमन करने वाले नहीं समझ पाते और बारिश, धूप में खड़े होकर ट्रेनों के गतंव्य की ओर बढ़ने का इंतजार भारी पड़ता है। ऐसे फाटकों पर ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण होने से समस्या दूर होगी।
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ज्ञानपुर। मंडल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी विनीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि व्यस्त यातायात वाले फाटक ओवरब्रिज, अंडरपास की सुविधा से जोड़े जा रहे हैं और सुरक्षा-संरक्षा अंतर्गत उक्त व्यवस्थाएं प्राथमिकता में है। सोमवार को अजय कुमार शुक्ला, संजू मिश्रा ने फाटक संख्या 43ए की शिकायत दर्ज कराई है। तकनीकी रिपोर्ट प्राप्त कर फाटक संख्या 43ए की समस्या का समाधान भी करा दिया जाएगा।
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