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खामियों को लेकर उग्र हुए छात्र
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Sun, 03 Jan 2016 02:20 AM IST
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आरोप लगाया कि मिलीभगत कर महाविद्यालय की गरिमा के खिलाफ कॉलेज के छात्रों का दूसरे निजी महाविद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है।
छात्रों ने नियमित कक्षाएं न चलने, पेयजल की असुविधा और प्रयोगशाला न होने को लेकर भी नाराजगी जताई। कॉलेज प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद छात्र शांत हुए।
छात्रनेता शिवम शुक्ला के नेतृत्व में छात्रों ने शनिवार को काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एकत्र होकर कॉलेज में व्याप्त समस्याओं के विरोध में आवाज मुखर की।
सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी छात्र कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला बंद कर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान छात्रों ने कहा कि एमए प्रथम सेमेस्टर (प्राइवेट) की रसीद महाविद्यालय से कटी, जबकि परीक्षा दूसरे कॉलेज में कराई जा रही है।
यह कार्य महाविद्यालय की गरिमा के खिलाफ है। जब कॉलेज में 20 हजार के आसपास छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे थे, तब भी दूसरे कॉलेज पर सेंटर नहीं गया, अब तो छात्रसंख्या कम है।
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महाविद्यालय में पेयजल की व्यवस्था न होने, कक्षाओं का सही ढंग से संचालन न होने और प्रयोगशाला की समुचित सुविधा न होने पर भी छात्रों ने नाराजगी जताई।
कहा कि कॉलेज में व्याप्त मनमानी रोकी जानी चाहिए। आरोप लगाया कि महाविद्यालय के प्रवक्ता प्रतिदिन 12 बजे आते हैं और दोपहर दो बजे के बाद चले जाते हैं।
इससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने खेल विभाग पर भी आरोप लगाए। जानकारी मिलने के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हिरेंद्र प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों को समझा-बुझाकर शांत किया।
विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों में आनंद पांडेय, अतुल तिवारी, अनुराग, सौरभ पांडेय, प्रकाश यादव, मनीष यादव, दीपक, आनंद पाल, रोहित राय, अभिनव, आनंद आदि शामलि रहे।
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छात्रों ने नियमित कक्षाएं न चलने, पेयजल की असुविधा और प्रयोगशाला न होने को लेकर भी नाराजगी जताई। कॉलेज प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद छात्र शांत हुए।
छात्रनेता शिवम शुक्ला के नेतृत्व में छात्रों ने शनिवार को काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एकत्र होकर कॉलेज में व्याप्त समस्याओं के विरोध में आवाज मुखर की।
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सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी छात्र कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला बंद कर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान छात्रों ने कहा कि एमए प्रथम सेमेस्टर (प्राइवेट) की रसीद महाविद्यालय से कटी, जबकि परीक्षा दूसरे कॉलेज में कराई जा रही है।
यह कार्य महाविद्यालय की गरिमा के खिलाफ है। जब कॉलेज में 20 हजार के आसपास छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे थे, तब भी दूसरे कॉलेज पर सेंटर नहीं गया, अब तो छात्रसंख्या कम है।
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महाविद्यालय में पेयजल की व्यवस्था न होने, कक्षाओं का सही ढंग से संचालन न होने और प्रयोगशाला की समुचित सुविधा न होने पर भी छात्रों ने नाराजगी जताई।
कहा कि कॉलेज में व्याप्त मनमानी रोकी जानी चाहिए। आरोप लगाया कि महाविद्यालय के प्रवक्ता प्रतिदिन 12 बजे आते हैं और दोपहर दो बजे के बाद चले जाते हैं।
इससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने खेल विभाग पर भी आरोप लगाए। जानकारी मिलने के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हिरेंद्र प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों को समझा-बुझाकर शांत किया।
विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों में आनंद पांडेय, अतुल तिवारी, अनुराग, सौरभ पांडेय, प्रकाश यादव, मनीष यादव, दीपक, आनंद पाल, रोहित राय, अभिनव, आनंद आदि शामलि रहे।