ज्ञानपुर। काशी के यज्ञाचार्य और यज्ञ पुरोहितों के समवेत स्वर में वैदिक ऋचाएं गूंजेंगी। विद्यावारिधि कथाव्यास की ओजपूर्ण वाणी आबोहवा को शुद्ध करेगी। महारुद्र को समर्पित 2.20 लाख आहुतियां अग्नि को समर्पित की जाएंगी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन, पूजन, कथा श्रवण और प्रसाद वितरण... यह सब होगा गोपीगंज स्थित ऐतिहासिक बड़ेशिव धाम में।
लोक कल्याण के निमित्त नौ दिवसीय श्री महारुद्र यज्ञ और शिव महापुराण कथा के भव्य आयोजन की तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिव परिवार और शिवभक्तों की ओर से 20 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले अनुष्ठान को ऐतिहासिक रूप देने की पूरी तैयारी है। यज्ञ मंडप निर्माण के लिए भूमिपूजन के बाद तकरीबन 35 दिनों से लगातार श्रमिक यज्ञ मंडप तैयार करने और साफ-सफाई एवं अन्य तैयारियों में जुटे हैं। शिव परिवार के दीपक मोदनवाल के मुताबिक 20 फरवरी को कलश यात्रा के साथ धर्मानुष्ठान का शुभारंभ होगा। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक यज्ञ होगा। नौ दिनी यज्ञ में कुल दो लाख 20 हजार आहुतियां समर्पित की जाएंगी। शाम चार से सात बजे तक कथा होगी। 28 फरवरी को दिन के 11 बजे से भंडारा शुरू हो जाएगा। कथा व्यास विद्यावारिधि डॉ. राम दयालु मणि त्रिपाठी और काशी के आचार्य डॉ. राकेश भार्गव की देखरेख में अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा।