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नहीं बदले जा सके जर्जर तार,किसानों ने किया प्रदर्शन
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ऊंज। वहिदानगर से सीतामढ़ी विद्युत उपकेंद्र तक लगभग 25 किलोमीटर तक जर्जर हाईटेंशन तार ने किसानों और कच्चे-पक्के घरों में रहने वालों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को किसानों ने जर्जर होकर लटक रहे तारों के पास प्रदर्शन कर बदलने की मांग की। चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में विभाग ने उचित कदम नहीं उठाया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
किसान राजदेव यादव, परवेज अली, प्रेमधर तिवारी, राकेश कुमार, सत्यदेव, सुरेंद्र कुमार, अरविंद यादव, रंजीत गौतम, मुन्ना वर्मा आदि ने बताया कि एक से दूसरे उपकेंद्र को जोड़ने के लिए 33 हजार वोल्ट का करेंट दो दशक पूर्व तार से दौड़ाया गया है। हाईवोल्ट का करेंट दौड़ते के कारण तार अपनी समयसीमा भी खो चुके हैं बावजूद इसके तारों को बदलवाने के नाम पर विभाग कुछ नहीं कर सका। गुजरे साल कई किसानों के सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल तारों में शार्टसर्किट और गरीबों-मजदूरों का रिहायशी आशियाना को अग्निकांड की घटनाओं में जल गए। आए दिन तारों के टूटकर गिरने, हल्की हवा चलने पर लोहे के खंभों में छूने से छुट्टा पशु, शौच आदि के लिए खेतों की ओर आने-जाने करेंट से की जद में आकर जीवन-मौत से जूझ चुके हैं। चिंता की बात यह है कि कुछ ही दिनों में गेहूं फसल की कटाई-मड़ाई का दौर शुरु हो जाने पर गेहूं के बोझ सिर पर लेकर चलने, भूंसे की ढुलाई करते समय लटकते तारों से अनहोनियों बढ़ जाएगी। यह समस्या एक बानगी भर है जबकि वहिदानगर उपकेंद्र से चार उपकेंद्रों को भी जोड़ा गया है वहां लगे उपकरणों की हालत अत्यंत नाजुक है। एक-एक उपकेंद्र से लगभग 100-100 गांवों में साधारण कनेक्शन के साथ कामर्शियल और राजकीय-निजी नलकूपों को चलाने की व्यवस्था मिली है, बावजूद इसके विभाग की उदासीनता आने वाले समय के लिए नुकसान, जनहानि पहुंचा सकती है। एक्सईएन मनोज कुमार सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश पर टीम सर्वे कर रही है। शीघ्र ही जर्जर तारों को बदलवाने का कार्य शुरु होगा।
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किसान राजदेव यादव, परवेज अली, प्रेमधर तिवारी, राकेश कुमार, सत्यदेव, सुरेंद्र कुमार, अरविंद यादव, रंजीत गौतम, मुन्ना वर्मा आदि ने बताया कि एक से दूसरे उपकेंद्र को जोड़ने के लिए 33 हजार वोल्ट का करेंट दो दशक पूर्व तार से दौड़ाया गया है। हाईवोल्ट का करेंट दौड़ते के कारण तार अपनी समयसीमा भी खो चुके हैं बावजूद इसके तारों को बदलवाने के नाम पर विभाग कुछ नहीं कर सका। गुजरे साल कई किसानों के सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल तारों में शार्टसर्किट और गरीबों-मजदूरों का रिहायशी आशियाना को अग्निकांड की घटनाओं में जल गए। आए दिन तारों के टूटकर गिरने, हल्की हवा चलने पर लोहे के खंभों में छूने से छुट्टा पशु, शौच आदि के लिए खेतों की ओर आने-जाने करेंट से की जद में आकर जीवन-मौत से जूझ चुके हैं। चिंता की बात यह है कि कुछ ही दिनों में गेहूं फसल की कटाई-मड़ाई का दौर शुरु हो जाने पर गेहूं के बोझ सिर पर लेकर चलने, भूंसे की ढुलाई करते समय लटकते तारों से अनहोनियों बढ़ जाएगी। यह समस्या एक बानगी भर है जबकि वहिदानगर उपकेंद्र से चार उपकेंद्रों को भी जोड़ा गया है वहां लगे उपकरणों की हालत अत्यंत नाजुक है। एक-एक उपकेंद्र से लगभग 100-100 गांवों में साधारण कनेक्शन के साथ कामर्शियल और राजकीय-निजी नलकूपों को चलाने की व्यवस्था मिली है, बावजूद इसके विभाग की उदासीनता आने वाले समय के लिए नुकसान, जनहानि पहुंचा सकती है। एक्सईएन मनोज कुमार सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश पर टीम सर्वे कर रही है। शीघ्र ही जर्जर तारों को बदलवाने का कार्य शुरु होगा।
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