फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Seven cooperative societies closed for five years will be active, will get fertilizer

पांच साल से बंद सात सहकारी समितियां होंगी सक्रिय,मिलेगी खाद

Sat, 13 Aug 2022 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
Seven cooperative societies closed for five years will be active, will get fertilizer
ज्ञानपुर। पांच साल से कई ब्लाक क्षेत्रों में बंद पड़ीं सात सहकारी समितियां पुन: सक्रिय होंगी। समितियों के सक्रिय होने पर खाद के लिए किसानों को न खुले बाजारों में परेशान होना पड़ेगा और न अन्य समितियों पर लाइन लगानी पड़ेगी। सहकारिता विभाग ने समितियों की साफ-सफाई, रंगरोगन शुरु भी करा दिया है। ब्लाक औराई, अभोली, भदोही और सुरियावां में उक्त आठों सहकारी समिति सुदृढ़ीकरण के अभाव में थी। इससे करीब 30 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि अभोली-गौरा, जाठी-औराई, चौबेपुर, बढ़ौना-भदोही, पूरेमनोहरपुर, कीर्तिपुर, मोढ़-सुरियावां में एक दशक पूर्व निर्मित सहकारी समितियां या तो भवनों के जीर्णशीर्ण होने या फिर कर्मचारियों का अभाव होने से बंद हुई थी। इन समितियों से जुड़े किसान 20 से 25 किलोमीटर दूर से खाद, बीज, कीटनाशक का क्रय करते हैं। यही कारण है कि दूरदराज स्थित समिति पर किसानों की लंबी लाइन उस स्थिति में भी लगी रहती है जब खाद का भरपूर स्टाक बना रहता है। पांच साल से बंद रहने वाली समितियों के सक्रिय हो जाने पर किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन

30 हजार किसानों की दूर होगी समस्या
ज्ञानपुर। पुन: सक्रिय करने के प्रयास को किसानों ने सराहनीय कदम बताया है। समिति के सक्रिय होते ही लगभग 30 हजार किसानों की समस्या दूर भी हो जाएगी। गौरा के किसान रामनाथ बिंद ने बताया कि सदलूबीर बाजार में गौरा नाम से समिति का भवन है लेकिन पांच वर्ष से खाद, कीटनाशक नहीं मिलता है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सालिकराम यादव ने कहा कि समिति को चालू कराने के लिए कई बार आवाज उठाई जा चुकी है। औराई के जाठी निवासी किसान शोभनाथ मौर्य ने कहा कि बंद समिति से खाद, कीटनाशक न मिलने से नजदीकी समितियों पर लाइन लगाई पड़ती है। किसान मानिकचंद्र, सत्यनारायण ने कहा कि समिति के बंद रहने का लाभ निजी दुकानदार उठाते हैं। एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि सात समितियों से खाद की बिक्री शुरू होने पर लगभग 30 हजार किसानों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। शिफ्टवार कर्मचारियों को तैनात कर खाद की बिक्री कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed