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बैंकों की हड़ताल का दूसरा दिन

Tue, 16 Mar 2021 11:58 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Mar 2021 11:58 PM IST
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Second day of banks strike
भदोही। युनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का जिले में व्यापक असर पड़ा है। दो दिन के अवकास को जोड़ लिया जाए तो बैंक लगातार चार दिन बंद रह है। बैंककर्मियों के हड़ताल से लोगों के भुगतान जहां तहां ठहर गए। दो दिन में लगभग 100 करोड़ के चेकों की क्लीयरिंग नहीं हो सकी है। हडताल के चलते जिले में करीब 500 करोड़ के लेनदेन का कार्य ठप है। हड़ताल का व्यवसायी वर्ग से लेकर आम जनमानस पर असर देखा जा सकता है।
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मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गोपीगंज, भदोही, ज्ञानपुर, खमरिया, घोसियां, माधोसिंह, सुरियांव, परसीपुर समेत छोटे छोटे बाजारों में बैंकों के ताले नहीं खुले। शहरों के साथ साथ देवनाथपुर, मोढ़, असनांव आदि ग्रामीण बाजारों में लोगों को हड़ताल से भारी समस्या हुई। गांवों में अभी भी लोग डि जिटल लेनदेन प्रति परिपक्व नहीं हुए हैं इसलिए वे अपना काम बैंक शाखा में जाकर ही करते हैं। इससे लोगों को हुई परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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दो दिन की हड़ताल से जिले में 100 करोड़ के चेकों की क्लीयरिंग नहीं हो सकी जबकि 5 सौ करोड़ के लेनदेन नहीं हो सके। पहले दिन जैसे ही दूसरे दिन भी बैंकों में शत प्रतिशत बंदी रही। हड़ताल के समर्थन में यूपी बैंक इम्पलाइज यूनियन के सदस्यों ने यूनियन बैंक की ज्ञानपुर शाखा तथा पंजाब नेशनल बैंक की भदोही शाखा के बाहर दूसरे दिन प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष सतीश पांडेय, अनिल मिश्रा, महामंत्री रविकांत शुक्ला, अजय सिंह, मनीष सिन्हा, सुशील शुक्ला, फैसल रहमान, हरेंद्र यादव, रामवीर गौतम, हबीबुर्रहमान, पवन यादव, मनीष द्विवेदी, शोभित पांडेय आदि शामिल रहे।
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-हड़ताल से बाजार में बन जाता है बंदी का माहौल
भसोही। बैंकों की हड़ताल के नाम ही व्यापारी सिहर उठते हैं। उनका मानना है कि एक दिन की हड़ताल से व्यवस्था बिगड़ जाती है तो इस बार तो दो दिन की हड़ताल ऐसे समय पर जब पहले से ही दो दिन की बंदी हो। ऐसे में पहले से मालुम था कि कष्ट तो होगा ही।

लगातार चार दिन बैंकों की बंदी पर व्यापारियों ने कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था हिल जाती है। इसके बारे में वित्त मंत्रालय भारत सरकार को सोचना होगा। विशेष रूप से लोगों ने कहा कि एटीएम से केवल धन निकाला जा सकता है। लेकिन बहुत से भुगतान जहां के तहां ठहर जाते हैं। एटीएम की व्यवस्था भी ऐसी नहीं है कि चार दिन तक लोगों को नगदी दे सके। विशेष रूप से तब जबकि लगन और विवाह का मौसम चल रहा हो।
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