बिजली-सड़क से जुड़ेंगे परिषदीय स्कूल
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जिले में करीब 725 प्राथमिक और 350 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। कंप्यूटर चलाने से लेकर बच्चों को प्रकाश की सुविधा देने के लिए विद्यालयों में 2008 से चरणबद्ध तरीके से विद्युतीकरण प्रक्रिया शुरू हुई। करीब आठ साल में एक हजार स्कूलों में विद्युतीकरण पूर्ण कर लिया गया, हालांकि कनेक्शन न होने से सात सौ से अधिक विद्यालयों में अब अंधेरा छाया रहता है। 2009, 2012 और 2014 के चुनावों में वैकल्पिक तौर पर प्रकाश की व्यवस्था की गई लेकिन उसके बाद हटा दिया गया।
निर्वाचन आयोग ने इस बार सभी स्कूलों को बिजली और पानी से जोड़ने का निर्देश दिया है। डीएम सुरेश कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश जारी कर दिसंबर से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया है। प्रशासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों का सर्वे कराना शुरू कर दिया है जहां पहुंचने के लिए सड़क नहीं है, साथ ही उन विद्यालयों को भी चिह्नित कराया जा रहा है जहां विद्युतीकरण के बाद भी कनेक्शन नहीं है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो करीब 50 ऐसे विद्यालय हैं जहां सड़क नहीं है जबकि 700 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जहां कनेक्शन नहीं हो सका है।