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सात सचिवों का वेतन रोका, 19 को अल्टीमेटम
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राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत गांवों में बन रहे पंचायत भवनों की प्रगति ठीक नहीं है। तीन दिन पूर्व सीडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने सात सचिवों का वेतन रोक दिया। जबकि पंचायत भवन निर्माण में उदासीनता बरतने पर 19 सचिवों को चेतावनी दी गई।
ग्राम पंचायतों को आधुनिक बनाने के लिए पंचायत भवन को हाईटेक किया जा रहा है। शासन से लेकर प्रशासन तक तेजी से पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय के निर्माण और संचालन को लेकर सख्त है, लेकिन सचिवों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। आठ अक्तूबर को मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सचिवों की बैठक हुई। पंचायत भवन निर्माण की समीक्षा में 19 ग्राम पंचायतो में दो से तीन साल बाद भी काम पूर्ण नहीं हो सका। जिसमें भदोही के जद्दूपुर, मल्लूपुर, रामपुर, गरूलपुर, दरूनहा, घसकरी, डीघ के महुआरी, खरगापुर, केवटाहीं, रईयापुर औराई में बाबूसराय, अभोली में फत्तूपुर ब्रहमणान, बौरीबोझ, भौथर, सुरियावां में जगतीपुर, कुसौड़ा सिंहपुर, सरायभावसिंह, ज्ञानपुर में भिड़िउरा शामिल रहे। सभी सचिवों को पांच दिन से लेकर 25 दिन में निर्माण पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीपीआरओ ने ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार मौर्य, गणेश राय, ओमकारजी श्रेष्ठ, दिलीप कुमार यादव, कमला देवी, जितेंद्र कुमार, प्रदीप बिंद प्रथम का अक्तूबर माह का वेतन रोका गया। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। डीपीआरओ ने सभी सचिव, एडीओ और ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि पंचायत भवन निर्माण शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न की जाए।
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ग्राम पंचायतों को आधुनिक बनाने के लिए पंचायत भवन को हाईटेक किया जा रहा है। शासन से लेकर प्रशासन तक तेजी से पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय के निर्माण और संचालन को लेकर सख्त है, लेकिन सचिवों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। आठ अक्तूबर को मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सचिवों की बैठक हुई। पंचायत भवन निर्माण की समीक्षा में 19 ग्राम पंचायतो में दो से तीन साल बाद भी काम पूर्ण नहीं हो सका। जिसमें भदोही के जद्दूपुर, मल्लूपुर, रामपुर, गरूलपुर, दरूनहा, घसकरी, डीघ के महुआरी, खरगापुर, केवटाहीं, रईयापुर औराई में बाबूसराय, अभोली में फत्तूपुर ब्रहमणान, बौरीबोझ, भौथर, सुरियावां में जगतीपुर, कुसौड़ा सिंहपुर, सरायभावसिंह, ज्ञानपुर में भिड़िउरा शामिल रहे। सभी सचिवों को पांच दिन से लेकर 25 दिन में निर्माण पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीपीआरओ ने ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार मौर्य, गणेश राय, ओमकारजी श्रेष्ठ, दिलीप कुमार यादव, कमला देवी, जितेंद्र कुमार, प्रदीप बिंद प्रथम का अक्तूबर माह का वेतन रोका गया। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। डीपीआरओ ने सभी सचिव, एडीओ और ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि पंचायत भवन निर्माण शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न की जाए।
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